मऊ। मौसम के बदलते मिजाज ने जनजीवन और खेती-किसानी पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। रविवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादल रहे। सर्द हवा चलने से लोग ठिठुरते रहे। सुबह लगभग नौ बजे के बाद धूप निकली तो लोगों को राहत मिली। अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
रविवार को तड़के से हल्के बादल छाए रहने और 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने से लोग ठिठुरते रहे। अलाव का सहारा लेते देखे गए। सुबह नौ बजे के बाद हल्की धूप निकली तो लोगों को राहत मिली। तापमान पर नजर डाली जाए तो रविवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। 13 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। रविवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार दो दिनों से आकाश में छाए बादलों ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। किसानों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो दलहन और तिलहन की फसलों पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार, लंबे समय तक धूप न निकलने और बादल छाए रहने से कीट का प्रकोप बढ़ जाता है। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि सरसों, मटर, अरहर और टमाटर जैसी फसलें फूल पर हैं। अगर पानी नहीं गिरा और बादल छाए रहे, तो इन फूलों में कीट लग जाएंगे जिससे पैदावार प्रभावित होगी। किसान अपनी फसलों की नियमित निगरानी करते रहें और कृषि विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार कीटनाशक दवा का छिड़काव करें।