मऊ। जिले में अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़ने से लोगों की मुुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। दोपहर के समय मुख्य मार्ग पर सन्नाटा की स्थिति रही। लोग जरुरत होने पर ही बाहर निकल रहे थे। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। तेज धूप से धान की नर्सरी भी मुरझाने लगी है।
सोमवार को सुबह के समय मौसम साफ रहा और धूप निकल आई। धीरे-धीरे धूप ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। दोपहर आते-आते धूप तेज होने लगी। तेज धूप और गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय मुुख्य मार्ग पर लोगों की आवाजाही कम दिखी। इस बीच जरूरी काम से निकले लोगों ने धूप से बचाव के लिए लोग टोपी, गमछा बांधकर जाते देखे गए। सोमवार को अधिकतम 39 डिग्री और न्यूूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 37 प्रतिशत रही। जबकि 10 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस, न्यूूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा।
शाम पांच बजे धूप का असर कम हुआ तो फिर से सड़क पर चहल-पहल बढ़ गई। मौसम गर्म होने से खेती किसानी पर असर पड़ने लगा है। जिन किसानों ने धान की नर्सरी लगा दी है, उन्हें नर्सरी बचाने में सिंचाई करने में पसीना आ रहा है। तापमान इतना अधिक है कि कितनी भी सिंचाई हो, लेकिन नर्सरी मुरझा रही है। इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि तेज धूप के चलते किसान शाम के समय धान के नर्सरी की हल्की सिंचाई करें। यूरिया की जगह सूक्ष्म पोषक तत्व का छिड़काव करना चाहिए।