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नहीं रहे मौलाना नजीर अहमद नोमानी

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नगर के छित्तनपुरा ईदगाह के मैदान पर मौलाना नजीर अहमद के नमाजे जनाजा में उमड़ा जनसैलाब। - फोटो : MAU
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मऊ। मदरसा दारुल उलूम के पूर्व प्रबंधक तथा समाजसेवी मौलाना नजीर अहमद नोमानी अब नहीं रहे। तीन दशक तक मदरसा दारुल उलूम में नि:शुल्क शिक्षा दी। मगरिब की नमाज के समय मौलाना का इंतेकाल हो गया। इंतेकाल की खबर फैलते ही चहुंओर शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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मौलाना मदरसा दारुल उलूम के प्रबंधक भी रह चुके थे। मौलाना ने 30 वर्षों तक मदरसा दारुल उलूम में मुफ्त में शिक्षा दी। मौलाना मरहूम मदरसे के तालीमी कमेटी के सदस्य भी लंबे समय तक रहे। मौलाना नजीर अहमद नोमानी धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ व्यापार करने में बहुत माहिर थे। छोटे भाई हाजी फैयाज अहमद के साथ उन्होंने सुमन टेक्सटाइल्स फर्म की बुनियाद रखी, जिसका नाम आज भी याद किया जाता है। दोनों भाइयों की पार्टनरशिप लंबे समय तक चली। जिसकी मिसाल आज भी लोग पेश करते हैं। मौलाना बीमार तो काफी समय से थे मगर वो खुद को बीमार साबित करने से परहेज करते थे। पूर्व नगरपालिका चेयरमैन अरशद जमाल ने बताया कि मौलाना ने अपने जीवन में ही सभी बेटो के लिए घर बनाकर उनको अपने पैरों पर खड़ा कर दिया था। मौलाना नजीर अहमद नोमानी को अपने वालिद हकीम मौलवी फारूक की तरह अध्ययन करने का जनून था। कुछ साल पूर्व जब आंखो से दिखाई देना बंद हो गया था तो कुरआन और हदीस दूसरे से पढ़वाकर सुनना उनका रोज का काम था। बताया कि मेरे चाचा मौलाना नजीर अहमद नोमानी मरहूम मेरे अब्बा से छोटे थे। मेरे उपर उनके इतने एहसान है जिसको गिनाना मेरे बस से बाहर है। मौलाना के इंतेकाल की खबर मिलते ही लोगों के अमद का सिलसिला शुरू हो चुका था। रविवार को अंतिम संस्कार में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रविवार को अपराह्न दो बजे छितनपूरा ईदगाह के सहन में अदा की गई। मौलाना के बड़े पुत्र मौलाना अंजर कमाल ने नमाज पढ़ाई। अंतिम संस्कार उनके अबाई कब्रिस्तान फखरुद्दीनपुरा में किया गया। मौलाना नजीर अहमद नोमानी के अंतिम संस्कार में मुफ्ती अनवर अली, मौलाना इफ्तेखार मिफ्ताही, मौलाना मजहर मदनी, चेयरमैन तैयब पालकी, इम्तेयाज अहमद, मौलाना खुर्शीद मिफ्टाही, मौलाना अब्दुल, मौलाना इकबाल नदवी, जफ़र अहमद जनता, हाजी मंजूर फरान, सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव, सपा नेता राजीव राय, अल्ताफ अंसारी, दीपू सिंह के इलावा हजारों लोगों ने शिरकत की। जमीयत ओलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और राष्ट्रीय सचिव मौलाना महमूद मदनी, देवबन्द दारुल उलूम के प्रबंधक मौलाना कासिम नोमानी, मौलाना नेमतुल्लाह आदि शामिल रहे।
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