कलेक्ट्रेट पर जिलाधिकारी को नागरिकता संसोधन अधिनियम को वापस लेने या संशोधित किए जाने की मांग के ?
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मऊ। नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को वापस लेने की मांग को लेकर जमीते ए उलेमा द्वारा बुधवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को सौंपा। जिसमें नागरिकता संशोधन अधिनियम को वापस लेने या संशोधन करने की मांग की गई।
सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि नए अधिनियम के पास होने के पूरे देश में जनता को आक्रोश सामने है। इस कानून के विरोध में प्रदर्शनों की दौड़ लग गई है। केंद्र सरकार की जनता की भावनाओं को गंभीरता से लेने के बजाए बलपुर्वक कुचलना चाहती है। जो देश की अखंडता तथा अस्तित्व के लिए खतरा है। ज्ञापन में बताया कि नागरिकता अधिनियम 1955 की तीसरी अनुसूची में संशोधन करके जो नए नियम बनाए गए है उससे देश के मुसलमानों को आपत्ति नहीं है मगर मुसलमानों और सेक्युलर लोगों का कहना है कि जहां हिंदू, सिख, इसाई, पारसी, बौद्ध तथा जैन शब्द लिखा है उसके आगे कामा लगाकर मुसलमान शब्द भी लिख दिया जाए तो मुसलमानों तथा सेकुलर की आपत्ति समाप्त हो जाएगी।
पत्रक सौंपने वालों में जमीते ए उलेमा के जिलाध्यक्ष मौलाना खुर्शीद अहमद मिफ्ताही, मौलाना मु. फारूक मजहरी, शाही इमाम, मौलाना मसीउर्हमान आदि मौजूद रहे।