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लोकप्रियता से जननायक बने कर्पूरी ठाकुर

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मऊ। सपा कार्यालय पर शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनायी गई। वक्ताओं ने कहा कि उनकी लोकप्रियता ने ही उन्हें जन नायक बना दिया।
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सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जन्म ब्रिटिश शासन काल के में बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव पितौंझिया में एक गरीब नाई परिवार में पिता गोकुल ठाकुर और मां रामदुलारी देवी के घर हुआ था। इनके पिता गांव के सीमांत किसान थे तथा अपना पारंपरिक व्यवसाय करते थे। भारत छोड़ो आन्दोलन में कर्पूरी ने 26 महीने जेल में बिताए थे। वह 22 दिसंबर 1970 से 2 जून 1971 तथा 24 जून 1977 से 21 अप्रैल 1979 के दौरान दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री के अपने कार्यकाल में उन्होंने पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। कहा कि कर्पूरी ठाकुर के गुरु जयप्रकाश नारायण और राममनोहर लोहिया रहे।
इस अवसर पर निवर्तमान जिला महासचिव अब्दुल कुद्दूस अंसारी, विरेन्द्र यादव लोहिया, विरेन्द्र चौहान, अनिल यादव, दिलीप पांडे, अनिल यादव, धीरज राजभर, रत्नेश भाती, डा.ओम प्रकाश यादव, योगेन्द्र यादव, गौरव पाण्डे, धर्मेन्द्र यादव बिहारी, राम नगीना कवि, वीरू यादव, अनिल मौर्य आदि मौजूद रहे।
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