चिरैयाकोट के छपरा गांव में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह एवं राष्ट्रीय एकता कवि सम्मेलन व मुशायरा
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चिरैयाकोट। क्षेत्र के छपरा गांव में बुधवार की देर शाम नववर्ष के स्वागत में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह एवं राष्ट्रीय एकता कवि सम्मेलन तथा मुशायरा का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि विनोद कुमार तिवारी, विशिष्ट अतिथि व्यापार मंडल चिरैयाकोट के अध्यक्ष शिवचंद साहू, वरिष्ठ महामंत्री अब्दुल सत्तार कुरैशी,उदयशंकर चौरसिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का किया। कार्यक्रम के संयोजक नजरेआलम ने सभी अतिथियों व कवियों सहित 75 वरिष्ठ नागरिकों को अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
कवियित्री इंदू सुल्तानपुरी ने सरस्वती वंदना पेश किया। कवि इमरान छपरावी की नात से कविसम्मेलन का शुभारंभ हुआ। उसके बाद मदरसा जियाउल उलूम के छात्र अब्दुल वाजिद व अब्दुल माजिद ने कौमी तराना प्रस्तुत किया। तत्पश्चात वाराणसी से पधारे हास्य कवि डॉ. अशोक अज्ञान ने जल जाए ना तन मन मुहब्बत की आग में, रहमत है उस खुदा का जो बादल बना दिया पढ़कर लोगों को खूब हंसाया। परवेज कौसर मारूफी ने जमीं पे लिखना हो जन्नत तो हिंदुस्तान लिखूंगा देशभक्ति का जोश भर दिया। नजर इलाहाबादी की हम भी गए नहाने संगम, क्या बतलाएं आपसे, पत्नी ने ठेल दिया हम गए न अपने आपसे कविता पर लोगों ने खूब ठहाका लगाया। मुहम्मद अनस छपरावी ने बुढ़ापा उनको भी आएगा जो तकलीफ देते हैं, बुजुर्गों की कहावत है ये झूठा हो नहीं सकता । सुनाकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इंदू सुल्तानपुरी ने फर्ज की बेदी पर जो शान से कुर्बान होते हैं, उन्हीं का यश चमकता धरती के दिनमान होते हैं । सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। वहीं अश्क चिरैयाकोटी ने किस बात पर बता तू इतना उछल रहा है, घर मेरा ही नहीं ये तेरा भी जल रहा ह सुनाकर देश के वर्तमान हालात पर करारा प्रहार किया। इस मौके पर थानाध्यक्ष ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भाई चारा कायम रखने में महत्व भूमिका निभाते हैं। अंत में आयोजक नजरेआलम ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर अविनाश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रमेशचंद मौर्य, खालिद अंसारी, इरशाद अंसारी, गुफरान अंसारी, शंकर यादव, भीम मौर्य, विजय बहादुर सिंह,नंदलाल मास्टर, गोमती यादव, बादामा यादव, विश्वजीत सिंह, श्रीनाथ, संतोष सिंह,ज्ञानचंद सैनी आदि शामिल रहे।