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विकास के मामले में मऊ है प्रदेश में 51 वें स्थान पर

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मऊ। विकास के मामले में मऊ प्रदेश के 75 जिलेे में 51वें नंबर पर है। जनपद के विभागों में आपसी तालमेल बेहतर न होने से जिले में तय लक्ष्य के सापेक्ष अपेक्षित विकास कार्य न होने से जिला पिछड़ा। राजस्व और पुलिस विभाग के बीच बेहतर तालमेल न होना इसका मुख्य कारण माना जा रहा। लेकिन अधिकारियों की मांने तो फैले कोरोना संकट के चलते विभागों में बजट के अभाव में मार्च महीने में आपेक्षित विकास कार्य न होने से जिला पिछड़ा।
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जिले में विकास, पीडब्ल्यूडी, निर्माण, पुलिस, गांवों में विकास कार्य नलकूप, नहर, नाली खड़ंजा, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, शौचालय निर्माण,स्वच्छता आदि बिंदुओं पर जनपदों की समीक्षा कराई जाती है। इसके आधार पर जनपद की रैकिंग तय की जाती है। इस रैकिंग में मऊ जनपद को 51वीं रैंक से संतोष करना पड़ा है।
बीते वित्तीय वर्ष के अंतिम में मार्च 2020 तक किए गए विकास कार्यों को आधार मानकर सभी सरकारी विभागों द्वारा पिछले वित्तीय साल में कराए गए विकास कार्यों का बिंदुवार आंकलन कराया गया। इसके आधार जनपद की रैंकिंग तय हुई। सूत्रों के अनुसार जनपद में कई सरकारी विभागों में आपसी तालमेल बेहतर नहीं हो सके। मसलन राजस्व और पुलिस विभाग में आपसी सामंजस्य सही नहीं हो पाने से भूमि संबंधी विवादों के निपटारे अपेक्षित रूप से नहीं हो सके। इसी प्रकार ग्राम पंचायतों से जुड़े विभिन्न संस्थानों में तालमेल बेहतर नहीं रहा। इसकी वजह से विकास कार्यों को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। गांवों में भूमि संबंधी विवादों का निपटारा समय से न हो पाने से गांवों में खड़ंजा, चकमार्ग, नाली, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण और शौचालय निर्माण आदि कार्यों में पिछड़ गया।
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सड़कों की मरम्मत के कार्य बजट के अभाव में अपेक्षित रूप से नहीं हो पाया। बिजली समस्यों के निदान में भी जनपद बजट के अभाव में पिछड़ गया। इसके अलावा विभिन्न विभागों के राजस्व में भी गिरावट आई। इस समीक्षा में विकास, स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा,निर्माण,लोक निर्माण,पुलिस, कृषि, उद्यान,बिजली, वन सहित सभी सरकारी विभागों द्वारा कराए गए कार्यों को आधार मानकर रिपोर्ट तैयार की गई। मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने बताया कि जनवरी में मऊ जिला विकास के मामले में 52 वे पायदान पर था, जबकि फरवरी में 49 वें नंबर पर पहुंचा था। लेकिन कोरोना संक्रमण फैलने के कारण पुन: मार्च माह में 51 वे पायदान पर पहुंच गया। बोले मार्च के बाद लॉक डाउन होने से न तो कार्य हुआ ना ही रैकिंग, यदि लॉक डाउन न हुआ होता तो मऊ टाप टेन में होता। बोले बीते वित्तीय वर्ष में शासन की मंशा के अनुरूप कुछ विभागों में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका।
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