नगर के रोडवेज पर प. अलगू राय शास्त्री बस स्टेशन।संवाद
मऊ डिपो का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व घोसी लोकसभा के पहले सांसद पंडित अलगू राय शास्त्री के नाम पर किया गया है। वर्ष 2025 के अंतिम दिन 31 दिसंबर को बस स्टेशन के नए नाम का बोर्ड लगाया गया है।
5 जनवरी 2024 को इसको लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पहली बार बैठक हुई थी। नामकरण के लिए मुहम्मदाबाद गोहना, मधुबन और घोसी विधायक, मऊ डिपो के एआरएम और एआरटीओ को सदस्य नामित किया गया था।
इन सभी ने मिलकर पंडित अलगू राय शास्त्री के नाम पर मुहर लगाई थी। मऊ डिपो परिसर के बाहर इनकी प्रतिमा स्थापित है, इसके चलते मऊ डिपो का नाम उनके नाम पर होने का अनुमान लगाया जा रहा था। वर्ष 2023-24 में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा था।
ऐसे में जिले के वीर सपूतों की वीरगाथा जन-जन तक पहुंचाने की मंशा से परिवहन निगम ने जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों नाम पर रोडवेज बस स्टेशन के नामकरण की योजना बनाई थी।
मऊ और दोहरीघाट डिपो सहित जिले की चार रोडवेज बस स्टैंड के नामकरण की कवायद चल रही की, लेकिन अभी तक केवल मऊ डिपो का नामकरण किया गया है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दो बार थे अध्यक्ष
पं. अलगू राय शास्त्री का जन्म मऊ के अमिला में 29 जनवरी 1900 को हुआ था। स्वतंत्रता से पहले दो बार विधायक और आजादी के बाद घोसी लोकसभा के पहले सांसद निर्वाचित हुए थे। संविधान सभा का सदस्य रहते हुए हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित करने की मांग उठाई थी। 12 फरवरी 1968 को इनका निधन हो गया। इनके निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था, कि आज हमारे बीच से कानून का एक पंडित और राष्ट्र एवं राष्ट्रभाषा का योद्धा चला गया।