मुहम्मदाबाद गोहना। वलीदपुर में सिलिंडर विस्फोट से हुए हादसे में मृतकों की संख्या 13 हो गई । इसमें दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने के बाद घटना की विभित्सा और गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटना को लेकर तमाम तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही है, लेकिन अधिकांश लोगों का मानना है कि अगर डिलीवरी लेते समय गैस लीकेज की जांच की गई होती तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सकता था।
सुरक्षा व बचाव को लेकर गैस कंपनियों के तरफ से भी समय-समय पर तमाम दिशा -निर्देश जारी किया जाता है, लेकिन उपभोक्ता गैस डिलीवरी लेते समय शायद कंपनियों के निर्देशों और अपनी सुरक्षा का अनदेखी कर जाता है। वलीदपुर की घटना भी इसी की एक कड़ी मानी जा रही है। पीड़ित परिवार की घायल बालिका का कहना है कि रविवार को एक नया सिलिंडर लिया गया था, जो घटना के दिन सोमवार की सुबह चाय बनाने के लिए इस्तेमाल करने के लिए लगाया गया। इस बीच जैसे ही सिलिंडर खोला गया तो उसमें से तेज आवाज के साथ गैस निकलने लगी। संभवत: गैस लीकेज के कारण इस तरह की दुर्घटना घटित हुई। इस बारे में पूछे जाने पर स्थानीय एक गैस एजेंसी के प्रबंधक विनय कुमार सिंह का कहना है कि गैस लेते समय इसके लीकेज के चेक करने के बारे में कंपनियों द्वारा कई निर्देश जारी किया गया है। बताया कि सबसे आसान तरीका यह है कि डिलीवरी के समय कर्मचारी द्वारा इसे चेक करने के लिए कहा जा सकता है। चेक करने का सबसे आसान और सरल तरीका यह है कि इसका प्लास्टिक और सुरक्षा कवच हटाकर उस पर उंगली रखकर निकलने वाली गैस का दबाव चेक किया जा सकता है। इसके अलावा सिलिंडर के ऊपरी प्वाइंट पर पानी डालकर चेक किया जा सकता है। इस दौरान अगर किसी भी तरह का बुलबुला निकल रहा हो तो इसे वापस कर दूसरा सिलेंडर लेना चाहिए। डिलीवरी अलावा घर में रखे सिलेंडरों के रखरखाव और सुरक्षा के नियमों का पालन कर ऐसे किसी भी हादसे से बचा जा सकता है। बताया कि सिलिंडर को हमेशा चूल्हे से नीचे रखा जाना चाहिए।