नसीरपुर गांव में मस्जिद मे अधेड़ की हत्या के बाद मस्जिद के बाहर तैनात पीएसी।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव स्थित एक मस्जिद में पहुंचकर बदमाशों ने वयोवृद्घ को गोली मार मौत के घाट उतार दिया। इससे पहले बदमाशों ने वहां प्रतिबंधित जानवर का मांस फेंका, वजह पूछने पर बदमाश फायर कर दिया। इस वारदात की खबर से गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव सहित अन्य आलाधिकारी पहुंचे। एसपी के आदेश पर गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई। शुक्रवार को अलविदा की नमाज के बाद वृद्ध का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा।
मृत मो. यूनुस (70) सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव के निवासी थे। गांव निवासी अब्दुल जब्बार (58) के संग मो. यूनुस पाक माह के आखिरी असरे में एतिकाफ में थे। गुुरुवार की रात को तराबीह की नमाज होने के बाद जब सभी रोजेदार घर चले गए तो रात के करीब 11 बजे मो. युनुस और अब्दुल जब्बार मस्जिद परिसर में खाना खा रहे थे। जब्बार के अनुुसार तभी दो युवक वहां पहुंचे, इस दौरान एक ने बोरा फेंका। अंधेरा होने के कारण दोनों बोरे में क्या है, यह देख नही पाए, लेकिन यूनुस ने टोका, कौन है क्या फेंके हो। इतनी बात पर युवकों में से एक ने यूनुस को लक्ष्य कर फायर कर दिया। गोली यूनुस के बाएं तरफ कमर पर लगी। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। यह देख जब्बार अवाक रह गया। उसके शोर मचाने पर जब तक लोग जुटे। थोड़ी देर में मौके पर गांव और घायल के परिवार के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल को उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया। डाक्टरों ने वाराणसी रेफर कर दिया। लेकिन सैदपुर जाते जाते यूनुस की मौत हो गई। दूसरी तरफ घटना की सूचना मिलने पर मौके पर सरायलखंसी के साथ अन्य थाने की पुलिस पहुंची। बाद में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, एएसपी शिवाजी शुक्ला मय फोर्स अस्पताल पहुंचे। एसपी ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार करने के साथ गांव में फोर्स तैनात कराने का आदेश दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रमजान माह के आखिर में ईद पर्व के करीब होने पर इस तरह की घटना को अंजाम देने के पीछे बड़ी साजिश है। वैसे पुलिस हर बिंदुओं पर पड़ताल कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी।