अखिल भारतीय किसान सभा ने सोमवार को भूमि अधिग्रहण कानून संशोधन-2015 की प्रतियां तहसील मुख्यालय पर फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया।
फसल नुकसान को देखकर हो रही किसानों की मौत को लेकर किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडा, बैनर लेकर मधुबन रोड से तहसील तक मार्च निकाला। केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाते हुए तहसील तक गए।
इस मौके पर किसान नेता व चीनी मिल के डायरेक्टर शेख हिसामुद्दीन ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पेश भूमि अधिग्रहण संशोधन अध्यादेश पूरी तरह किसान विरोधी है। यह पूंजीपतियों को लाभ देने वाला है।
मोदी सरकार 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में मनमाना संशोधन कर किसानों के हितों को खत्म करना चाह रही है। इसका अखिल भारतीय किसान सभा विरोध करेगी।
भाकपा के जिला मंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि आपदा के चलते गेहूं की फसल बर्बाद होने से किसान आत्महत्या कर रहा है। बर्बाद फसल देखकर हार्ट अटैक से मर रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री विदेश यात्रा कर रहे हैं।
राहत के नाम पर कागज में घोषणाएं व धन आवंटन कर रहे हैं। इसी तरह गुफरान ने कहा कि आपदा से क्षेत्र में हजारों एकड़ गेहूं व अन्य फसल चौपट हुई है परंतु सरकार सर्वे के नाम पर खानापूर्ति कर रही है।
अभी तक किसी भी तरह कोई सहायता नहीं मिली। सत्ता पक्ष के दबाव में राजस्व विभाग मनमाना सर्वे करा रहा है। भूमि अधिग्रहण बिल 2015 पूरी तरह किसान विरोधी है।
पांच मई को जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले धरने में शामिल होने का आह्वान किया। इस मौके पर मनोज सिंह, आरिफ, हाजी गुफरान, राजविजय सिंह, शकील पांडेय, जर्नादन यादव, हिसामुद्दीन,जयराम यादव, विवेक राय, बद्री तिवारी आदि शामिल थे।