शिक्षा सत्र का सात माह बीत जाने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल रही है। अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों के अनियमित दिनचर्या से विद्यालय समय से खुल नहीं रहे हैं। अभिभावक भी अपने नौनिहालों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
कुछ ऐसा ही हाल रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का रहा। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव ने मंगलवार को रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई स्कूल बंद मिले। सभी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति नाम मात्र रही। जबकि रजिस्टर में बच्चों का नामांकन 100 से अधिक दिखाया गया था।
जिला समन्वयक योगेंद्र यादव ने निरीक्षण में रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय नसीराबाद कला पूर्वाह्न नौ बजे बंद मिला। सूचना पाकर दो शिक्षक आए। 116 के सापेक्ष पांच बच्चे उपस्थित मिले। बच्चे शिक्षकों का इंतजार करते देखे गए। इसी तरह जूनियर हाईस्कूल नसीराबाद कला 9.20 बजे तक बंद था। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय खरका में 108 बच्चों के सापेक्ष 24 बच्चे ही उपस्थित थे।
चार शिक्षकों के सापेक्ष दो शिक्षक ही उपस्थित मिले। शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय स्थिति में मिली। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय समनपुरा में पांच शिक्षकों के सापेक्ष तीन शिक्षक ही उपस्थित मिले। 104 बच्चों के सापेक्ष 18 बच्चे उपस्थित मिले। यहां भी शैक्षिक गुणवत्ता खराब रही। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता योगेंद्र यादव का कहना है कि लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है।