अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-एक दीप नारायण तिवारी ने बहला-फुसलाकर भगाने तथा दुष्कर्म करने के मामले में राजेश राम को सुनवाई के बाद दोषी पाया। उसे 10 वर्ष की सजा और सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की भतीजी को आरोपी 14 अप्रैल 2010 को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।
इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने वाद विवेचना के बाद एकौना गांव निवासी राजेश राम, अशोक व फूलमती के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने 10 गवाहों को पेश कर अभियोजन पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अशोक व फूलमती को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं, राजेश राम को बहला-फुसलाकर भगाने तथा दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद उसे दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में तीन वर्ष की सजा के साथ ही दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।