विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट छागुर राम ने नाबालिग लड़की को शादी के आशय से बहला-फुसला कर भगाने, यौन शोषण और धमकी देने के मामले में रेहान को दोषी पाया।
पॉक्सो एक्ट के तहत रेहान को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ कुल 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने 4 अप्रैल 2023 को नाबालिग लड़की को शादी के आशय से बहला-फुसला कर भाग ले गया। इस दौरान उसने पीड़िता का यौन शोषण किया। उसे छुपाकर रखा और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना के बाद कोपागंज थाना क्षेत्र के वाजिदपुरा निवासी रेहान के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से कुल 8 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा गया। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है।
विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद रेहान को दोषी पाया। उसे नाबालिग के यौन शोषण के मामले में 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए अर्थदंड, नाबालिग को भगाने के मामले में 5 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड, शादी के आशय से भगाने और छुपाने के मामले में 7-7 वर्ष का कठोर कारावास और 7-7 हजार रुपए अर्थदंड, तथा धमकी देने के मामले में 1 वर्ष का कारावास और 1,000 रुपए अर्थदंड लगाया गया।