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Mau News: आठ महीने से सीआर्म मशीन खराब होने से नहीं हो पा रहे बड़े ऑपरेशन, प्लास्टर लगाने तक सिमटा ट्रॉमा सेंटर

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जिला अस्पताल में खराब पड़ी सी आर्म मशीन।संवाद
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जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में सी आर्म मशीन के आठ माह से खराब है। जहां मशीन होने से पहले हर सप्ताह में दस आपरेशन होते थे अब वो सप्ताह में एक तक पहुंच गया है। वो भी माइनर ऑपरेशन के अलावा यहां प्लास्टर तक यह सिमट कर रह गया है।
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उधर, मशीन के खराब होने के कारण डॉक्टरों द्वारा मशीन के अभाव में बड़े ऑपरेशन मैनुअली आपरेशन न करने का हवाला देकर मरीजों को वापस कर दे रहे हैं, ऐसे में हर माह बीस से तीस मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है।
जिले के 52 सरकारी अस्पतालों में सिर्फ जिला अस्पताल में ही हड्डी के ऑपरेशन होते हैं। इसके लिए वर्तमान में यहां दो ऑर्थोपेडिक सर्जन तैनात हैं, लेकिन बीते आठ माह से सी-आर्म मशीन खराब होने के चलते हड्डी के डॉक्टर कोई मेजर ऑपरेशन नहीं कर पा रहे हैं।
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2015 में आई सीआर्म मशीन से महज ढाई साल ही ऑपरेशन हुए थे, वहीं महज स्टेपलाइजर के बिगड़ जाने से चलते यह मशीन सात साल तक शोपीस बनी रही थी। अब आठ माह से यह मशीन खराब होने से यह हड्डी के मरीजों की परेशानी को बढ़ा रही है।
उधर जिला अस्पताल के प्रबंधन का दावा है कि इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन के साथ शासन को अवगत कराया जा चुका है, उन्होंने जल्द मशीन भेजने का आश्वासन दिया है।


अस्थि रोग के 100 से अधिक मरीज आ रहे रोज
अस्थि रोग के डॉक्टर के पास हर दिन 100 से अधिक मरीज आते हैं। इनमें दो से तीन की हालत गंभीर होती है, इन्हें ऑपरेशन की जरूरत होती है लेकिन सीआर्म मशीन के खराब हो जाने से उन्हें सिर्फ परामर्श लेकर जाना पड़ रहा है। हर रोज एक से दो गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है, तो कुछ मरीज मजबूरन निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं।


निजी अस्पतालों में मेजर ऑपरेशन बहुत महंगा
सीएमएस डॉ धनंजय कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों का मेजर ऑपरेशन 267 रुपये में किया जाता है। वहीं माइनर ऑपरेशन 67 रुपये लिया जाता है, निजी अस्पतालों में 40 हजार से शुरू होकर यह खर्च एक लाख रुपये तक जाता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी नारायण ने बताया कि सीआर्म छोटी एक्स-रे मशीन की तरह काम करती है। इसकी मदद से सर्जन ऑपरेशन करते समय शरीर के अंगों के थ्री-डी इमेज देख सकते हैं। हड्डी को जोड़ते समय प्लेट, रॉड लगाने की सही स्थिति का पता लगाते हैं। बिना सीआर्म मशीन के हड्डी के जटिल ऑपरेशन संभव नहीं है। सीआर्म मशीन की कीमत 12 लाख रुपये होती है।
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