थाना क्षेत्र के रसूलपुर आदमपुर (रामपुर) में संचालित मदरसा मौलाना आजाद इस्लामिया की मान्यता मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार के निर्देश पर निरस्त कर दी गई है। साथ ही मदरसा प्रबंधक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। प्रबंधक पर आरोप है कि उसने मान्यता के लिए फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया और सरकारी जमीन पर कब्जा कर मदरसे का निर्माण कराया है। रजिस्ट्रार ने की गई शिकायत पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को कार्रवाई का निर्देश दिया था। यदि प्रबंधक ने विधायक निधि से अनुदान लिया है तो उसकी भी रिकवरी की जाएगी।
गांव के ही सलाउद्दीन ने 15 सितंबर 2018 को रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद जवाहर भवन लखनऊ से शिकायत की थी कि मदरसा सरकारी भूमि पर चलता है। प्रबंधक ने मान्यता के लिए फर्जी कागजातों का इस्तेमाल किया है। शिकायत पर बोर्ड के रजिस्टार ने प्रबंधक सरफराज को भी बुलाया और उसके सारे दस्तावेज मंगाए। प्रकरण की जांच रजिस्ट्रार ने कराया। जांच में आरोप सही पाए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद रजिस्ट्रार ने 29 नवंबर 2018 को सुनवाई की। 30 नवंबर 2018 को रजिस्टार ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को मदरसा प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। रजिस्ट्रार ने लिखा है कि यदि मदरसा प्रबंधक ने विधायक निधि से अनुदान लिया हो तो उसकी भी रिकवरी की जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इस बाबत डीआरडीए के परियोजना निदेशक को पत्र लिखा है।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी लालमन ने13 दिसंबर को मदरसा प्रबंधक सरफराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक ने रजिस्ट्रार के पत्र और जांच रिपोर्ट आदि का अध्ययन करने के पश्चात शनिवार की शाम प्रबंधक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। इस बाबत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन का कहना है कि उच्चाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।