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Mau News: इलाज के दौरान लाइनमैन की मौत, शव रखकर लगाया जाम

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टेसूपार विद्युत उपकेंद्र के संविदा कर्मी की मौत के बाद विलाप करते परिजन। संवाद
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टेसूपार में जर्जर खंभे से गिरकर गंभीर रूप से घायल बिजली संविदाकर्मी संदीप यादव (35) की मंगलवार देर रात आजमगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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बुधवार को जैसे ही संदीप का शव उसके गांव टेसूपार पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों ने शव को मुहम्मदपुर-अमिला मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया।
करीब दो घंटे बाद पहुंचे बिजली निगम के अधिकारियों ने साढ़े सात लाख रुपये की आर्थिक मदद और मृतक की पत्नी को नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त हुआ। तत्पश्चात घोसी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
टेसूपार विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांव में मंगलवार दोपहर 33 केवीए के ढीले तार को कसने के दौरान अचानक खंभा टूटकर जमीन पर गिर पड़ा था। हादसे में संविदा पर तैनात बिजलीकर्मी संदीप निवासी टेसूपार गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई।
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बुधवार को टेसूपार विद्युत उपकेंद्र पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बीच घोसी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता सुजीत सिंह ने घटना पर आक्रोश जताते हुए कहा कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या है।
आखिर 40-50 साल पुराने बिजली के खंभे पर लाइनमैन को क्यों चढ़ाया गया। इसमें दोषी जेई और अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, ग्रामीणों ने शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता पर गंभीर आरोप लगा रहे थे।
लोगों का कहना था कि भीषण दोपहर में लाइनमैन को 40-50 साल पुराने जर्जर खंभा पर चढ़ाया गया था, जबकि 33 हजार केवीए लाइन को ठीक करने की जिम्मेदारी उपकेंद्र पर तैनात कर्मी की नहीं होती है। इसके बावजूद अवर अभियंता द्वारा दबाव बनाकर काम कराया गया, जिससे हादसा हो गया।
आक्रोशित ग्रामीण अवर अभियंता को हटाने के साथ उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के एसई ने लिखित आश्वासन दिया कि परिवार को विभाग की ओर से 7.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही पेंशन की व्यवस्था भी कराई जाएगी। उन्होंने यहां तैनात अवर अभियंता को हटाने की बात भी कही। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने में सफल हो सकी।
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पत्नी बार-बार होती रहीं बेहोश
शव को देख मृतक की पत्नी निशा यादव बार-बार अचेत हो जा रही थीं। दो बच्चे पुत्री दिव्या (7) और पुत्र दिव्यांश (5) बार-बार चीखते हुए अपने पिता के शव से लिपट जा रहे थे। यह मंजर देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो जा रही थीं। मौके पर मौजूद महिलाएं परिवार को सांत्वना देने में जुटी थीं।
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