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हल्की बारिश ने बढ़ाई कपकपी, सार्वजनिकक स्थानों पर नहीं जले अलाव

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हल्की बारिश ने बढ़ाई कंपकपी, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जले अलाव
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हल्की बारिश ने बढ़ाई कंपकपी, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जले अलाव
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। दिसंबर माह का आधा समय बीत चुका है, तापमान में रोजाना गिरावट आने से ठंड बढ़ती ही जा रही है। बुधवार की भोर में हुई हल्की बूंदा बांदी ने इस ठंडक में इजाफा कर दिया। ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी लोग ठंड में ठिठुरते नजर आए। धूप नहीं निकलने से लोगों को ठंड से कोई राहत नहीं मिली। इससे राहत देने वाला अलाव पूरे जिले में कही नजर नहीं आया। बाजारों से लेकर सड़क मार्गो पर ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई।
बुधवार को भोर में हुई कुछ देर के लिए बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट होने के चलते आम आदमी ठिठुरता नजर आया। ठंड से बचाव के लिए जिले के नगर निकायों द्वारा अलाव की व्यवस्था करने का दावा केवल कागजी तक सीमित दिखा। हालात यह था कि नगर का गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, बालनिकेतन तिराहा, भीटी चौराहा सहित रोडवेज डिपो, रेलवे स्टेशन के बाहर ठंड से बचाव के लिए अलाव जले नहीं होने मिले। यही स्थिति नगर के जिला अस्पताल परिसर में, रोडवेज डिपो परिसर में बने तथा ब्रह्मस्थान के पास बने रैन बसेरा में भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इस बाबत नपाध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है कि अलाव की व्यवस्था जल्द ही कर दी जाएगी।
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बने रैन बसेरा, लेकिन टेंडर न होने से नहीं जले अलाव
मऊ। जिले में भीषण ठंड के दस्तक दिए कई दिन बीत चुके है, लेकिन इससे बचाव को लेकर नगर निकायों द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में रैन बसेरा तो बना दिया। लेकिन अलाव को लेकर टेंडर प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की जा चुका है। हालात यह है कि ठंड बढ़ने के बाद भी मऊ ही नहीं, मधुबन,मुहम्मदाबाद गोहना, वलीदपुर, घोसी, कोपागंज सहित अन्य निकायों में अलाव नहीं जल रहे है।
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बारिश से प्रभावित हो सकती है आलू की फसल
मऊ। कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त है। लेकिन अभी इसका असर खेती किसानी पर ज्यादा नहीं पड़ रहा है। भारतीय बीज विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ कृषि वैैज्ञानिक डॉ. गोविंद्र पाल ने बताया कि वर्तमान में पड़ रही ठंड का असर इस समय केवल आलू की फसल को प्रभावित कर सकता है। आलू की फसल को पाला से बचाने के लिए किसान दस दिन के अंतराल पर मैंगोजेब दवा का छिड़काव करे। बताया कि बुधवार को हुई हल्की बारिश से फसलों को नुकसान नहीं होगा।जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजकुमार बताते हैं कि ठंड के इस मौसम में गंभीर बीमारी के मरीजों के लिए अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत है।इस मौसम में रक्त वाहिनियों मे अतिरिक्त कॉलस्ट्रॉल बढ़ने से हृदय के कई रोग घेर लेते हैं। सांस के रोगियों के लिए भी यह मौसम कई परेशानियां लेकरआता है। इसके अलावा हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीजों को ठंड में खासख्याल रखने की जरूरत होती है। हृदय रोगी सर्द हवा के दौरान बाहर न निकलें। यदि जाना जरूरी तो शरीर को गर्म कपड़ों से अच्छी तरह ढककर रखें।मफलर, कैप आदि जरूर पहनें। घी, तेल आदि चिकनाई वाला भोजन न करें।
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