मनरेगा से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भी काम करने के लिए शासन से तीन साल में दो बार पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है। इसके बावजूद जिले में अभी तक क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए कोई कार्य योजना नहीं बन सकी है, जिसका काम मनरेगा से किया जा सके। पत्र में क्षेत्र पंचायत से मनरेगा द्वारा नदियों के पुनरुद्धार, वेस्टलैंड डेवलपमेंट, एक से अधिक ग्राम पंचायत को जोड़ने वाले काम, जल निकाय के कार्य को क्षेत्र पंचायत स्तर से करने का निर्देश जारी किया गया है। शासन से आदेश जारी होने के बाद भी अभी तक जिले में ऐसी कोई कार्य योजना नहीं बन सकी है। विभाग का कहना है कि सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पत्र जारी कर कार्य योजना का विवरण मांगा गया है। वहीं, दूसरी तरफ क्षेत्र पंचायत सदस्य शासन से मनरेगा द्वारा काम कराए जाने की अनुमति मिलने के बाद अभी तक इंतजार में है।
ग्रामीणों को उनके घर के पास 100 दिन के काम की गारंटी वाले मनरेगा के तहत अभी तक सिर्फ ग्राम पंचायत को ही काम करने का अधिकार था। बीते कई वर्षों से क्षेत्र पंचायत सदस्य भी मनरेगा के तहत काम करने की मांग कर रहे थे। साल 2022 में पहली बार शासन से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मनरेगा द्वारा काम करने का आदेश जारी हुआ था। लेकिन जिले में कहीं पर भी क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा मनरेगा से काम नहीं कराया जा सका। अक्टूबर 2023 में भी इसी आदेश से संबंधित दोबारा पत्र जारी किया गया। एक बार फिर 10 सितंबर को भी शासन से पत्र जारी हुआ है। इसमें क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मनरेगा से काम कराने का उल्लेख किया गया है।
ब्लॉक- क्षेत्र पंचायत सदस्य
रानीपुर -102
कोपागंज-101
फतेहपुर मंडाव- 98
रतनपुरा -93
मुहम्मदाबाद गोहाना -91
दोहरीघाट -90
बड़राव-84
घोसी-69
परदहा-51
सभी क्षेत्र पंचायत को मनरेगा से कम करने संबंधित पत्र जारी कर दिया गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मनरेगा से नदियों के पुनरुद्धार और दो ग्राम सभाओं को जोड़ने वाले मार्ग के साथ कुछ विशेष काम करने की अनुमति मिली है। इसके लिए दो ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्य का विवरण सहित अनापत्ति दस्तावेज देना अनिवार्य है।-उपेंद्र पाठक, डीसी मनरेगा मऊ