मेरा पति मुझे साथ नहीं रखना चाहता है। कई बार समझाने के बाद वह मुझे अपनाने को तैयार नहीं है, जबकि हमने साथ में जीने मरने की कसम खाई थी। यह व्यथा रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में सदस्यों के समक्ष लगाते हुए एक महिला ने सुनाई। वहीं महिला के पति ने आरोप लगाया कि उसकी 10 महीने तक मुझे छोड़ कर किसी अज्ञात के साथ चली गई। अब बाद में आकर साथ रहने का दावा कर रही है। जबकि पत्नी के भाई ने स्वयं फोन करके बताया था कि उसकी बहन लापता है, मैंने खुद गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है। जहां सदस्यों ने दोनों से वार्ता कर निष्कर्ष न निकालने की सूरत में कोर्ट जाने की सलाह दी है। इससे पहले सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली इस बैठक में 56 मामले पेश हुए, जिसमें 16 मामलों का निस्तारण हुआ। जबकि तीन दंपति आपसी विवाद को भुलाकर एक साथ रहने को तैयार हुए। वहीं 14 मामले पीड़िता की अनुपस्थिति तथा कोर्ट में भी दोनों पक्ष का मुकदमा चलने के कारण बंद किया गया। बैठक में सीओ सीटी अंजनी पांडेय के साथ सदस्य अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद मौजूद रहे।