जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सोमवार को दीवानी कचहरी में एक गोष्ठी का आयोजन कर नौ नवंबर को विधिक सेवा दिवस के रुप में मनाया गया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य गरीबों को न्याय दिलाने के साथ ही उनको नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। इसमें अपील की गई की समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाना चाहिए। यही प्राधिकरण का उद्देेश्य है।
प्रभारी जिला जज नीरज निगम ने कहा कि प्रत्येक वर्ष नौ नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोगों को उनके मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में जागरुक और उन्हें सामान्य जीवन में न्याय व्यवस्था से अवगत कराया जाता है।
कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39ए के तहत हर राज्य का यह कर्तव्य है, कि वह अपने सभी नागरिकों को समान न्यायिक सुविधाएं प्रदान कराए। उन्होनें कहा कि सरकार को कुछ ऐसे उपाय करने चाहिए जिनसे समाज में सभी वर्गों को समान रूप से न्याय मिल सके ।
प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य गरीबो को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने के साथ ही नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
आगे कहा कि नौ नवंबर को ही स्थायी लोक अदालत व विधिक सेवा प्राधिकरण एक्ट लागू हुआ था। इस लिए इस दिन को विधिक सेवा दिवस के रुप में मनाया जाता है। उन्होनें बताया कि 12 दिसंबर को पूरे देश में एक साथ लोग अदालत का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर आपसी समझौते के आधार पर वादों का निपटारा करवाने का प्रयास करना चाहिए।
इसमें मुकदमों को आपसी सुलह समझौता के आधार पर निस्तारण कराने में सहायोग करें। इस मौके पर एडीजे लालमणि प्रसाद,एडीजे धमेंद्र कुमार पांडेय, सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रवींद्र कुमार, अधिवक्ता अजय सिंह, विनोद कुमार सिंह, आकाश रोशन, राजभूषण सिंह, शिवधनी, सेंट्रल नाजिर प्रेमचंद श्रीवास्तव आदि रहे।