कमिश्नर आरपी गोस्वामी के आश्वासन पर अधिवक्ताओं ने डीएम कोर्ट के बहिष्कार के निर्णय को स्थगित कर दिया। डिस्ट्रिक्ट बार के अध्यक्ष ने शनिवार को आमसभा की बैठक में कमिश्नर से हुई वार्ता से अधिवक्ताओं को अवगत कराने के बाद अगली रणनीति पर विचार करने की बात कही। हालांकि अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट के घेराव के निर्णय का बदलते हुए धरना दिया तथा डीएम का पुतला फूंका।
22 जनवरी को डीएम द्वारा उनके न्यायालय कक्ष में अधिवक्ता चेत सिंह के साथ अमर्यादित आचरण किए जाने की बात को लेकर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने सोमवार से डीएम की कोर्ट के बहिष्कार का निर्णय लिया था। इस बीच गुरुवार को डीएम अपनी कोर्ट में बैठकर न्यायिक कार्य संपादित करने लगे। इसकी जानकारी होते ही अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए नारेबाजी की।
सिविल कोर्ट में तीनों बार एसोसिएशन की संयुक्त बार की बैठक कर शुक्रवार को कलेकट्रेट का घेराव करने का निर्णय लिया था। इसी बीच गुरुवार को ही डीएम की ओर से नगर मजिस्ट्रेट ने बार के अध्यक्ष बीवी सिंह को पत्र भेजकर शुक्रवार की सुबह डीएम के चेंबर में वार्ता के लिए अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को आहूत किया।
इस पर शुक्रवार को अधिवक्ता संघों की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें बार के अध्यक्ष ने घेराव के निर्णय स्थगित करने के साथ ही डीएम से वार्ता न कर मंडलायुक्त के समक्ष वार्ता करने की बात कही।
इसके बाद अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर में धरना पर बैठ गए। अपराह्न तीन बजे के करीब कलेक्ट्रेट का मुआयना करने मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी पहुंचे। मंडलायुक्त के बुलाने पर अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने डीएम के चेंबर में पहुंचा।
जहां पर बार के पदाधिकारयों ने कमिश्वर के समक्ष अपनी बात रखी तथा ज्ञापन सौंपा। मंडलायुक्त ने अधिवक्ताओं को भविष्य में ऐसा न होने का आश्वासन दिया।