फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता हाईकोर्ट में अधिवक्ता तो चाचा सुप्रीम कोर्ट में जज रहे

Fri, 29 Jan 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
 उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्र मधुबन तहसील के मर्यादपुर के रहने वाले हैं। इनका पैतृक गांव वकीलों के गांव के रूप में विख्यात है। उत्तर प्रदेश सरकार के पहले एडवोकेट जनरल स्व. कन्हैयालाल मिश्र, लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्र के दादा थे और उनका भी जन्म इसी गांव की माटी में हुआ था।
विज्ञापन



 इनके परिवार के प्रेरणा से गांव केे 30 से 35 अधिवक्ता विभिन्न जनपदों में न्यायपालिका की सेवा में हैं। इनके परिवार के कई लोग आज भी न्यायिक पदों पर कार्यरत हैं।

 
न्यायमूर्ति संजय मिश्रा के पिता विजय प्रताप मिश्र हाईकोर्ट में सीनियर अधिवक्ता रहे। उनके चाचा अजय मिश्र भी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जज और बाद में मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष रहे। इनके दादा कन्हैयालाल मिश्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ ही गांधी परिवार के करीबियों में गिने जाते थे।
विज्ञापन



वह इंदिरा गांधी के सलाहकार भी थे। इन्हें उत्तर प्रदेश के पहले एडवोकेट जनरल बनने का भी गौरव प्राप्त हुआ। 1951 से 1975 तक उत्तर प्रदेश के एडवोकेट जनरल रहे। स्व. कन्हैयालाल के पिता बैजनाथ मिश्र आजमगढ़ में अधिवक्ता के रूप में विख्यात थे।


उनकी ही प्रेरणा से उनकी पीढ़ियां न्यायपालिका में मुकाम हासिल करती गईं। गांव के अधिवक्ता प्रदीप मिश्र, भूपनाथ मिश्र का कहना है कि उनका गांव वकीलों के गांव के नाम से जाना जाता है। यह लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्र के परिवार की ही देन है।  


न्यायमूर्ति संजय मिश्र के उत्तर प्रदेश का लोकायुक्त बनने की खबर मिलते ही गांव में गुरुवार को खुशी छा गई। हालांकि लोकायुक्त के परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला, लेकिन गांव के लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई। उनके पैतृक घर पर मिले उनके नौकर पांचू राम की भी खुशी का ठिकाना नहीं था। उसने बताया कि खेती-बाड़ी से लेकर घर की रखवाली का जिम्मा वही संभालते हैं।  
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें