तहसील क्षेत्र के मधुबन-दुबारी मोड़ पर गत गुरुवार को सड़क हादसे में अधिवक्ता की मौत के विरोध में शुक्रवार को तहसील मधुबन के अधिवक्ताओं ने तहसील गेट के पास मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। जाम की सूचना मिलने पर लगभग आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम अमरनाथ राय ने अधिवक्ताओं को समझा बुझाकर जाम समाप्त कराया। वकीलों ने एसडीएम को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसील मुख्यालय के मुख्य मार्ग पर हमेशा जाम की स्थिति रहती है। सड़क पर अतिक्रमण रहने से सड़क दुर्घटना का ग्राफ बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इसी कारण से रमाकांत चौहान का हादसा हुआ। लोगों ने 108 नंबर एंबुलेंस को सूचना दी लेकिन वो नहीं पहुंची और साथी अधिवक्ता की मौत हो गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसील प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया
लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके चलते आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं। मौके पर पहुंचे एसडीएम मधुबन ने अधिवक्ताओं की मांगों पर विचार करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
अधिवक्ताओं ने वकील रमाकांत के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पचास लाख रुपये देने, वाहन चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने, एंबुलेंस 108 चालक पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने सहित चार सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
इसके बाद अधिवक्ताओं की ओर से शोक सभा कर अधिवक्ता रमाकांत चौहान की मौत पर संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर तहसील बार के अध्यक्ष धनंजय पांडेय, महामंत्री पारसनाथ यादव, जवाहर लाल पांडेय, रामाश्रय मल्ल, कैलाश राय जगदीश सिंह, सत्यराम यादव, विमल श्रीवास्तव रमेश पांडेय, विनोद मल्ल आदि शामिल थे।