स्वामी सहजानंद जनमंच व भूमिहार समाज के तत्वावधान में स्वामी सहजानंद सरस्वती की पुण्यतिथि शुक्रवार को कोपागंज ब्लाक के सहरोज गांव में मनाई गई। उके बताए हुए आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया गया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती का व्यक्तित्व व कृतित्व विलक्षण था। उन्होंने संन्यास ग्रहण किया था, लेकिन उनकी अंतरात्मा देश के राजनैतिक और सामाजिक हालात को लेकर चिंतनशील रही। गुलामी की जंजीरों को तोड़ने व शोषित किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे।
जयप्रकाश धूमकेेतु और प्रजापति राय ने कहा कि स्वामी सहजानंद महान मानवतावादी और क्रांतिकारी जननायक थे। स्वामी सहजानंद जनमंच के अध्यक्ष समीर राय ने कहा कि स्वामीजी समस्त समाज को ऊंचा उठाने को ही समाजसेवा करते थे। वे वास्तव में स्वाधीनता सेनानियों में अग्रदूत पुुरुष थे।
किसान नेता देव प्रकाश राय ने कहा कि अगर स्वाधीनता और किसान आंदोलन का मूल्यांकन किया जाए तो नि:संदेह स्वामीजी सामाजिक न्याय के प्रथम उद्घोषक थे। इस अवसर पर राजेंद्र राय, विजेंद्र राय, चंद्रशेखर राय, कमला राय, जगदीश राय, गंगाधर राय, डा. संजय राय आदि थे।