मऊ/रतनपुरा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जिले का पांचवें बस स्टैंड के लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है। मऊ डिपो के एआरएम ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर रतनपुरा में तीन जगहों पर जमीन देखी है। वहां क्षेत्रफल और अन्य मानकों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते स्वीकृति नहीं मिल सकी है। मऊ डिपो के एआरएम ने बीते मई महीने में बस स्टैंड का प्रस्ताव बनाकर परिवहन निगम को भेजा था। जबकि इसके लिए नवंबर 2025 में भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने क्षेत्रीय लोगों की मांग पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को पत्रक सौंपा था। दोनों पत्रों का संज्ञान लेते हुए बीते जून महीने में परिवहन मंत्री द्वारा गठित टीम ने अपर आयुक्त परिवहन विपिन कुमार मिश्र के नेतृत्व में रतनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निरीक्षण किया था।
उनकी मंशा थी कि लखनऊ-बलिया मार्ग के किनारे स्थित 25 साल से बंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन ढहाकर वहीं बस स्टैंड बनाया जाए। इसके अलावां दूसरी जगर जमीन उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम की तरफ से मुख्य विकास अधिकारी मऊ को पत्र भेजा गया था।
बस स्टेशन से 70 गांव के लोगों को मिलेगा लाभ
बस स्टैंड बन जाने से स्थानीय निवासियों के लिए परिवहन व्यवस्था सुगम होगा। इसके अलावा मऊ, बलिया के भीमपुरा, हनुमान स्थान, मड़ई, वृंदावन, चिरकिटहा, अजीजपुर, खरसड़ा, कटियारी, नदौली, धनईपुर, अतरसुआं और गाजीपुर जिले के सुरवत, पाली, नसीरपुर, अवंरापुर, सिधागर, वड़ीहार, नसीरपुरमड़ई सहित 70 से अधिक सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। इससे इन क्षेत्रों के निवासियों के लिए आवागमन की सुविधा में सुधार होगा। यात्री आसानी से विभिन्न शहरों तक पहुंच सकेंगे, जिससे व्यवसायिक गतिविधियों और सामाजिक जुड़ाव को भी बढ़ावा मिलेगा।
रतनपुरा में बस स्टैंड बनाने के लिए तीन जगहों पर जमीन देखी गई है। लेकिन पर्याप्त क्षेत्रफल और अन्य आवश्यक मानक वहां पूरे नहीं हो रहे हैं। हालांकि उनका दस्तावेज मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने का इंतजार है। - गौतम कुमार गुप्ता, एआरएम, मऊ डिपो