होली के मद्देनजर रोडवेज पर नाम मात्र बस होने से महानगरों से आने वाले यात्रियों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा। लोग घंटों सवारी वाहन का इंतजार करते देखे गए।
होली पर्व के मद्देनजर परिवहन निगम की ओर से बेहतर बस सुविधा का लाभ देने का दावा गुरुवार को फुस्स हो गया। रोडवेज बस की सुविधा न मिलने से यात्रियों को घंटों प्रतीक्षा करना पड़ा।
वहीं परिवहन निगम के अधिकारियों की उदासीनता का फायदा निजी सवारी वाहन संचालकों ने खूब उठाया। जिले के काफी संख्या में लोग मुंबई, दिल्ली, चेन्नई सहित विभिन्न महानगरों में नौकरी तथा व्यवसाय करते हैं।
गुरुवार को रेलवे स्टेशन से भारी संख्या में यात्रियों का जत्था जब रोडवेज पहुंचा तो परिसर में एक भी बस नहीं दिखी। सबसे ज्यादा संख्या बलिया, गाजीपुर, वाराणसी तथा गोरखपुर जाने वाले यात्रियों की रही।
रोडवेज पर बस न होने से निजी सवारी वाहनों की चांदी रही। वह यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते देखे गए। जबकि मऊ डिपो 47 बसें संचालित की जाती हैं।
इस संबंध में रोडवेज पर बस का इंतजार कर रहे ऋषिकेश मौर्य, रणधीर सिंह का कहना था कि रोडवेज में हमेशा बस का ही अभाव रहता है। बस कब आएगी पता नहीं चल पा रहा है।