जिला श्रमिक समन्वय समिति ने केंद्रीय श्रम संगठनों एवं स्वतंत्र कर्मचारी व मजदूर फेडरेशन के आह्वान पर एक दिवसीय राष्ट्र व्यापी हड़ताल का समर्थन किया। संगठनों के कार्यकर्ता नगर के गाजीपुर तिराहे जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए एटक के सूर्यदेव पाण्डेय पे कहा कि सरकार श्रम संहिताए, बिजली बिल 2025, बिजली विभाग के निजीकरण के निर्णय को रद्द करने करने के साथ साथ कर्मचारी ठेका प्रथा को खत्म करे।
वहीं सीटू से जुड़े शिवाकांत मिश्रा ने कहा कि बीमा, रेलवे, बैंक, बिजली सहित सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाया जाए। इंकलाबी मजदूर केंद्र संगठन के रामजी सिंह ने कहा कि चार लेबर कोड्स वापस लिया जाए।
इसके साथ ही किसी भी कर्मचारी की न्यूनतम मजदूरी 26000 प्रति माह किया जाए। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संघटन के शैलेन्द्र ने कहा कि वी बी जी राम जी अधिनियम रद्द कर मनरेगा को सरकार बहाल करे। इसके साथ ही बीज विधेयक 2025 को वापस लिया जाए।
पुरानी पेंशन बहाल किया जाए। इस दौरान भाकपा माले के शिवमूरत, यमुना प्रसाद, आशुतोष राय, फौजदार यादव, विनय कुमार, कैलाश चौहान, शैलेन्द्र, अनुभव दास, अजीम, प्रसेन, वीरेंद्र कुमार आदि रहे।