मारपीट में घायल टेंपो चालक की मौत पर विलाप करते परिजन।
मऊ। मनबढ़ों की मारपीट से तीन सप्ताहपूर्व घायल कोपागंज थाना क्षेत्र के कोपा कोहना गांव निवासी 35 वर्षीय आटो चालक की मौत पर परिजनों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। लेकिन पुलिस आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने में हीला हवाली करती रही थी। आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे अफसरों ने समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया। तब जाकर परिजनों ने लाश पुलिस को ले जाने दिया। पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोपाकोहना निवासी राजेश राजभर पुत्र शंभू आटो चलाकर अपनी पत्नी सहित पांच बच्चों की परवरिश करता था। आठ जनवरी को उसके गांव के ही कुछ युवक दावत के बहाने उसे मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के कुतुबपुर ले गए। वहीं पर किसी बात को लेकर मनबढ़ों ने राजेश की जमकर पिटाई की और आटो पर लादकर उसके दरवाजे पर घायलावस्था में छोड़ गए। परिजन उसे सीएचसी ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी हालत चिंताजनक देख चिकित्सकों ने राजेश को तत्काल बीएचयू रेफर कर दिया। दो हफ्ते तक वाराणसी में इलाज कराने के बाद गरीब परिजन उसे घर ले आए। शनिवार को हालत खराब हुई तो परिजन उसे फिर जिला अस्ताल ले गए जहां तड़के उसकी मौत हो गई। रविवार की दोपहर 12 बजे मृतक का शव अस्पताल से लाकर मुख्य गेट के सामने हाइवे पर रख दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को मुआवजा, बच्चों की परवरिश के लिए आर्थिक मदद के साथ हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। आधे घंटे बाद जाम स्थल पर सीओ सिटी आलोक कुमार जायसवाल पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शव को हटवाया। लेकिन जिला अस्पताल परिसर में आने पर शव को ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस ले जाने से रोक दिया। ग्रामीण डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। लगभग एक बजे मौके पर सदर तहसीलदार मिथिलेश त्रिपाठी पहुंचे। उन्होंने शासनादेश के तहत मृतक की पत्नी को पारिवारिक पेंशन सहित अन्य लाभ और प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों ने शव को पुलिस को ले जाने दिया।
उधर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा कोपा कोहना निवासी आटो चालक राजेश टेंपो चलाकर पत्नी और पांच छोटे छोटे बच्चों का पालन पोषण करता था। उसकी मौत से उसका परिवार बेसहारा हो गया। मृतक राजेश राजभर विक्रम टेंपो चलाकर अपने परिवार के छह लोगो का गुजारा करता था। मृतक की पत्नी सुनीता देवी का रोते रोते बुरा हाल है। मृतक की तीन पुत्रियों आठ वर्षीय काजल ,सुधा ,अंजू व दो पुत्र पीयूष का रो रोकर बुरा हाल हो गया। इस मामले में मृतक राजेश की पत्नी सुनीता के प्रार्थना पत्र पर भादसामानोपुर निवासी इम्तियाज और कोपा कोहना निवासी ड्राइबर सुरेंद्र के विरुद्ध पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में एएसपी एसके श्रीवास्तव का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्दी ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
कमरा गिरवी रख कराया पति का इलाज
राजेश के पास दो ही कमरों का मकान है। जब राजेश को डाक्टरों ने वाराएासी रेफर किया तो पत्नी ने पति के इलाज के लिए अपना एक कमरा गिरवी रख दिया। बनारस में जब रुपये भी खत्म हो गए तो वह पति को पूरी तरह ठीक हुए बिना ही घर ले आई। गरीबी के चलते समुचित इलाज के अभाव में राजेश की आखिरकार मौत हो गई।
दुधमुंहे को लेकर लगाती रही कोतवाली का चक्कर
मारपीट में गंभीर रूप से घायल राजेश की पत्नी ने हमलावरों के विरुद्ध कोपागंज पुलिस को तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने मामला मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली का बताकर वहां जाने की सलाह दिया। टेंपो चालक की पत्नी एक महीने के दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर कोपागंज और मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली का चक्कर लगाती रही।