कोपागंज में अधूरा पड़ा प्रधानमंत्री आवास।
मऊ। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में शौचालय का निर्माण शुरुआत में कराना है, निर्माण न होने पर आवास का कार्य अधूरा माना जाएगा। ऐसा न करने वाले लाभार्थियों की दूसरी किस्त रोकने का प्रावधन है। इसके बाद भी जिले में लाभार्थियों द्वारा नियम को ताक पर रख आवास का निर्माण कराया जा रहा। उधर विभाग शौचालय न बनने के बाद भी निर्माणाधीन मकान का फोटो अपलोड कर लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी कर दे रहा है।
बताते चले कि जिले में वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3209 लोगों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में यह लक्ष्य 5600 का था। जिसके सापेक्ष 2 फरवरी 2019 तक पूरी तरह से 600 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जबकि 2527 आवास का कार्य लगभग पूरा होने के कगार पर है। इस दौरान निर्माणाधीन आवासों की जांच के दौरान यह बात सामने आई, कि कई लोग योजना से बने मकानों में शौचालय का निर्माण कराने में आनाकानी कर रहे हैं। जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना में शौचालय का निर्माण अनिवार्य है। जिसका निर्माण लाभार्थी को प्रथम किस्त के रूप में मिलने वाले 50 हजार रुपये की राशि में मकान का नींव डालने के दौरान शौचालय का फाउडेंशन बनाना अनिवार्य है। जबकि दूसरे किस्त डेढ़ लाख में लाभार्थी को शौचालय निर्माण कराना है। बावजूद कई लाभार्थियों द्वारा दूसरी किस्त मिलने के बाद शौचालय बनवाना तो दूर फाउंडेशन तक नहीं बनाया जा रहा है। वहीं विभाग द्वारा सर्वे में शौचालय न बनवाने वाले जिले में 25 से ज्यादा लाभार्थियों को नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन यह संख्या सैकड़ों में है।
जिला पंचायती राज अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि आवास के लाभार्थियों को शौचालय दो प्रकार से बनवाना है, यदि लाभार्थी बेस लाइन या यलओबी (लेफ्ट आउट बेस लाइन) से चिन्ह्ति किया गया है, तो आवास बनवाने की जिम्मेदारी उनके विभाग की है, वहीं इसकी मानीटरिंग करेंगे। यदि सिर्फ आवास का लाभार्थी है तो परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण शौचालय का निर्माण मनरेगा सहित अन्य मदों से कराएगी। शौचालय न बनवाने वालों को चिन्ह्ति कर उन्हे नोटिस जारी किया जा रहा है। साथ ही उनकी दूसरी किस्त रोकी जाएगी।