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चांद देखकर महिलाओं ने तोड़ा व्रत

Sat, 31 Oct 2015 12:30 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
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पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर प्रतिवर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को परंपरागत रूप से मनाया जाने वाला करवा चौथ का पर्व जिले में पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया। इस पर्व पर महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा।
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महिलाओं ने सज-धज कर चांदनी रात में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने परंपरागत रूप से जलते दीपों की थालियां सजा कर चंद्र दर्शन किया।


 इसके अलावा उन्होंने चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण किया। इससे पहले व्रती महिलाओं ने भगवान शिव, गणेश, कार्तिकेय और मां पार्वती की भी पूजा की।  साथ ही उन्होंने एक दूसरे को पर्व की मान्यता और महत्ता के संबंध में प्रचलित कहानियां भी सुनाई।
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व्रत के परंपरा और मान्यताओं पर गौर करें तो इस संबंध में इंद्रप्रस्थ नगरी में वेदशर्मा नामक ब्राह्मण की कथा प्रचलित है। जिसे इस पर्व के मौके पर महिलाएं आपस में सुनती- सुनाती हैं।


 शुक्रवार को भी जिले की महिलाओं ने पर्व की परंपरा को बखूबी निभाया। महिलाओं ने पर्व के मद्देनजर पहले से ही पूरी तैयारी कर ली थी। शाम के समय सजने संवरने से पहले महिलाओं ने पूरे दिन बगैर कुछ खाए-पीए दिन ढलने का इंतजार करती रही। शाम को चांद निकलने के साथ ही महिलाओं ने छननी से अपने पति का दीदार किया।


पूजन-अर्चन के बाद व्रत के पारण के समय खाने का पहला निवाला उन्हें उनके पतियों ने ही खिलाया। कई मंदिरों पर महिलाओं ने सामूहिक रुप से  भगवान शिव, गणेश, कार्तिकेय और मां पार्वती की विधि विधान से पूजा की।


निजामुद्दीनपुरा निवासी व्रती महिला संध्या यादव, सुुनीता देवी ने बताया कि करवाचौथ का व्रत रखने से बाबा भोलेनाथ व मां पार्वती सुहाग की रक्षा करते हैं। पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु और व्यवसाय को शिखर पर पहुंचाने लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
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