मऊ। असलहा और विधायक निधि के मामले में बुधवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान असलहे के मामले कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ, वही विधायक निधि के मामले में गवाह कानूनगो रामकीर्ति सिंह का बयान दर्ज हुआ, आरोपियों की ओर से जीरह की गई।
सीजेएम ने दोनों मामलों में 19 फरवरी की तिथि नियत किया। एक मामला सरायलखंसी और दूसरा दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज हुआ।
जिसमें पुलिस ने मामले की विवेचना कर मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। मुख्तार अंसारी सहित दो आरोपियों की मौत हो चुकी है। कोई गवाह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, सीजेएम ने 19 फरवरी की तिथि नियत किया।
दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार विधायक निधि के गबन के मामले में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राम सिंह की तहरीर पर सरायलखंसी थाने में एफआईआर दर्ज हुई। मामले में मुख्तार अंसारी, आनंद, बैजनाथ यादव और संजय सागर को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित कर दिया है। इसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही थी। मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की मौत हो चुकी हैं। मामले में गवाह कानूनगो रामकीर्ति सिंह उपस्थित हुए, उनका बयान और जीरह हुआ। सीजेएम ने मामले में साक्ष्य के लिए 19 फरवरी की तिथि नियत किया।