नगर के भीटी स्थित शिवजी मठ मड़ईया घाट में चल रहे धनुष यज्ञ रामलीला के पांचवें दिन रविवार की रात धनुष भंग की लीला हुई। जिसमें प्रभु श्री राम के द्वारा शिव धनुष को तोड़ते ही मौजूद लोगों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। जिसके बाद पूरा तमसा तट का वातावरण राममय हो गया। इसके बाद स्वंयवर में सीता ने प्रभु श्रीराम के गले में वरमाला डाली। जिसके बाद उनपर फूलों की वर्षा हुई। इस दौरान पूरा वातावरण राममय हो गया।
धनुष यज्ञ लीला में स्थानीय कालाकारों ने परशुराम-लक्ष्मण संवाद का सजीव चित्रण शानदार ढंग से प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही जियहु सुजस जग छाई के सुख सुषमा सरसात, पतिब्रत माहि प्रवीण हो अचल रहे अहिवाद कहकर परशुराम ने माता जानकी जी को आशीर्वचन दिया। इसके बाद खंडी धनुहिया लरकईया नेक ऐसो, अबकी क्यों क्रोध बस आंखें निकारियो कहते हुए लक्ष्मण ने परशुराम को चेतावनी देते हुए लीला को जीवंतता प्रदान की। इस दौरान प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, व्यास रासबिहारी सिंह, अशोक सिंह, विजय बहादुर सिंह, रामाश्रय सिंह,श्यामनरायन सिंह,राजेंद्र सिंह,चिकित्साधिकारी डॉ. सीबी सिंह, बीरेंद्र सिंह, बबलू सिंह, लीला कमेटी के अध्यक्ष अवधबिहारी सिंह, विजयबहादुर निषाद, टिल्लू प्रजापति, मातादीन रावत, राजेश सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, अमन सिंह, पवन सिंह, अवधेश सिंह, राजनरायन सिंह, चिंटू, गड्डू, भोले आदि मौजूद रहे।