अब आईटीआई पास कर सरकारी और गैर सरकारी कंपनियों में काम करने वाले युवाओं को पॉलिटेक्निक में सीधा प्रवेश मिलेगा। लेटरल एंट्री के तहत पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अगले सत्र से सीटें आरक्षित रहेगी। प्राविधिक शिक्षा परिषद की तरफ से आदेश जारी किया गया है।
कंधेरी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक और पीपीपी मॉडल पर राजकीय पॉलिटेक्निक कालेज संचालित है। आईटीआई उत्तीर्ण होने के बाद युवा सरकारी या प्राइवेट कंपनियों में चयनित हो जाते हैं, लेकिन पदोन्नति के मौके इन्हें कम ही मिलते हैं। अब नौकरी में रहते हुए भी पॉलिटेक्निक से दो वर्षीय डिप्लोमा कर सकते हैं। पॉलिटेक्निक का यह डिप्लोमा उनके त्वरित पदोन्नति में सहायक होगा। आईटीआई पास कर सरकारी और गैर सरकारी कंपनियों में काम करने वालों को पॉलिटेक्निक में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। अगले सत्र से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। प्राविधिक शिक्षा विभाग की तरफ से इसके लिए सर्कुलर जारी किया गया है। नई व्यवस्था से आईटीआई उत्तीर्ण युवा जो नौकरी में है इसका लाभ उठा सकेंगे। इससे कामगारों की दक्षता भी बढ़ेगी। इन्हें डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग मेें मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2025-26 में राजकीय पॉलिटेक्निक में सीटें आरक्षित रहेगी। प्राविधिक शिक्षा परिषद की तरफ से इच्छुक कर्मियों से ऑनलाइन आवेदन पत्र लिए जाएंगे। जून में इनके लिए एक प्रवेश समिति का गठन किया जाएगा, जो आवेदन पत्राें का परीक्षण कर मेरिट लिस्ट बनाकर आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेगी।
इस बाबत राजकीय पालीटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि लेटरल एंट्री के तहत अंशकालिक डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के प्राविधिक शिक्षा परिषद का सर्कुलर मिला है। इसके तहत अगले सत्र से प्रवेश की प्रकिया शुरू की जाएगी।