मऊ। चक्रवाती तूफान मोंथा का असर बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को दिन में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। 21 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा में नमी बढ़ने की वजह से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। जबकि पिछले पांच दिन में अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। इस सीजन में अब तक 401 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है। एक अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक 74.50 मिमी बारिश हो चुकी है। 28 और 29 अक्तूबर को मिलाकर कुल 2.25 मिलीमीटर बारिश हुई है। दीपावली, छठ बीतने के बाद पिछले 10 साल में पहली बार बारिश हुई है। कृषि वैज्ञानिकों ने शुक्रवार तक इसी तरह बारिश होने की संभावना जताई है।
बुधवार की रात से ही आकाश में घने बादल छाए रहे। रात से ही से बूंदाबांदी शुरू हो गई। बृहस्पतिवार को भी दिन भर रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। इस सीजन में 401 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। सोमवार की शाम बूंदाबांदी होने के बाद से मौसम में बदलाव आया है। इसके बाद से कभी बूंदाबांदी तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। दीपावली, छठ बीतने के बाद पिछले 10 साल में पहली बार बारिश हुई है। बारिश होने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। तापमान पर नजर डाली जाए तो बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 98 प्रतिशत रही। 21 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। बुधवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था। आर्द्रता 79 प्रतिशत थी, जबकि 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। वातावरण में नमी बढ़ने से ठंड बढ़ गई।
तेज हवा से धान की फसल गिरी
तेज हवा के चलने से धान की फसलें गिर गई है। किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सताने लगी है। इस संबंध मेें किसान महेंद्र सिंह, रणधीर सिंह, श्रीकृष्ण यादव का कहना है कि तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश होने से धान की पकी फसल गिर गई हैै। फसल घर तक जाना मुश्किल लग रहा है। खराब मौसम के चलते धान की कटाई और रबी फसल की बुआई ठप है। तेज बारिश होने पर नुकसान तय लग रहा है।
मोंथा चक्रवात और पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते शुक्रवार तक ऐसे ही मौसम बना रहेगा। तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है। हवा के साथ बारिश होने की स्थिति में सभी फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। कहा कि किसानों को सतर्क रहने की जरुरत है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी।
कीचड़ से बढ़ीं दुश्वारियां
मऊ। बृहस्पतिवार को रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होने के चलते नगर के निचले इलाकों में कीचड़ हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के मेन गेट से इमरजेंसी तक सड़क पर कीचड़ हो जाने से लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। गड्ढे में तब्दील सड़क पर जलभराव से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर के नरईबांध, भीटी, निजामुद्दीनपुरा, मुुंशीपुरा, रघुनाथपुरा में कीचड़ से लोगों को परेशानी हुई। रानीपुर : बूंदाबांदी और रिमझिम बारिश से जगह-जगह कीचड़ और गड़्ढे में तब्दील सड़क पर पानी भरने से लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। ब्लॉक क्षेत्र में पलिया बाजार गेट से गोकुलपुरा मार्ग पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई।