मऊ। उप्र बुनकर वाहनी के अध्यक्ष एकबाल अहमद अंसारी के नेतृत्व में शुक्रवार को बुनकरों का एक प्रतिनिधि मंडल सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार बुनकरों को वर्ष 2006 से फ्लैट रेट पर मिल रही सस्ती बिजली को खत्म कर एक जिला एक उत्पाद जैसी योजना की घोषणा की सच्चाई को भी सामने लाने का काम किया। क्योंकि आज बुनकर जिस कोरोना संक्रमणकाल से गुजर रहें ऐसे में सरकार का यह फरमान उन्हें बर्बाद कर देगा। सरकार के इस आदेश के विरुद्घ आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट सड़क से लेकर अदालत तक की लड़ाई लड़ेगा।
एकबाल ने बताया कि सीएम को भेजे पत्र में बताया गया कि आगामी 14 जून 2006 से जारी शासनादेश विधानसभा के साथ विधान परिषद से पास कराई गई थी। साथ ही राज्यपाल की स्वीकृति के बाद लागू की गई थी। इस तरह से यह अधिसूचना थी, जिसे सरकार ने एक शासनादेश जारी कर रद्द कर दिया। 2006 को जारी हुई इस अधिसूचना में बुनकरों को सहुलियत दी गई थी। जिसे सरकार ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया। जो लोकंतात्रिक व्यवस्था के विरुद्घ है। ऐसी स्थिति में एआईपीएफ प्रतिनिधि हरिश्चंद भारती, आदम अंसारी, नेहाल अहसान, यज्ञ देव भारती, डॉ उदय भान, करण प्रसाद, मुकेश कुमार, आदि लोग शामिल थे।