बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से अनियमित बिजली आपूर्ति से क्षेत्रवासी हलाकान हैं। आपूर्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर क्षेत्र में16 घंटे के बजाय मात्र छह घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में महज तीन घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। अनियमित बिजली आपूर्ति होने से लोगों में काफी रोष व्याप्त है। दूसरी तरफ विभाग इस कटौती को इमरजेंसी रोस्टरिंग बताकर लोगों को बहला रहा है।
मधुबन तहसील मुख्यालय है इसके कारण यहां पर काफी लघु उद्योग स्थापित है। इस कारण यहां की बाजार में ज्यादातर कनेक्शन धारी कामर्शियल उपभोक्ता हैं। मधुबन कस्बे वासियों को बिजली उपकेंद्र पलिया बुजुर्ग से आपूर्ति होती है। इसीक्रम में मर्यादपुर, बेलौली और दुबारी आदि के सैकड़ों गांवों को सेमरी जमालपुर स्थित उपकेंद्र से बिजली दी जाती है। सरकारी दावा है कि तहसील स्तर के कस्बे को 16 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति होगी। वहीं ग्रामीणांचल में 12 घंटे लेकिन यहां सारे दावे फेल नजर आते हैं।
कस्बेवासियों को दिन में दस से बारह और तीन से चार बजे बिजली मिलती है यही शेड्यूल से रात में भी मिलती है। ग्रामीण क्षेत्रों का तो और बुरा हाल है, वहां तो तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। बाजार निवासी मन्नू मद्धेशिया, अमित जायसवाल, हरिशंकर जायसवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष गिरिजाशंकर मौर्य, बृजेश जायसवाल, शैलेन्द्र वर्मा, लल्लन वर्मा, राजेश यादव, नुरुल, सियाराम बर्नवाल, श्रीराम गुप्ता, सुभाष गुप्ता सहित सैकड़ों लोंगो ने अविलंब बिजली आपूर्ति ठीक कराने की मांग की है।
लोगों ने चेताया कि अगर बिजली आपूर्ति जल्द ही ठीक नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस संबंध में अवर अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि सेमरी जमालपुर और कसारा सब स्टेशनों से इमरजेंसी रोस्टरिंग की बात कही जाती है। कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। इसके लिये कई बार कहा जा चुका है।