फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराह्न बाद तक रुक-रुक कर होती रही रिमझिम बारिश

विज्ञापन
मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के परिखापुर में आकाशिय बिजली की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त वर्षो पु? - फोटो : MAU
विज्ञापन
मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बुधवार को सुबह से शुरू हुई रुक-रुक कर रिमझिम बारिश अपराह्न बाद तक होती रही। बारिश के चलते लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। अपराह्न बाद तक रुक-रुक बारिश होने के चलते लोगों को भीगते हुए जाते देखा गया। दिन भर जहां मौसम सुहावना रहा। वहीं मौसम में बदलाव होने से किसानों के चेहरे खिल गए। मंगलवार की रात बारिश के दौरान दोहरीघाट थाना क्षेत्र के परिखापुर गांव स्थित 485 वर्ष पुराना पौराणिक पंचमुखी शिव मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने से पंचमुखी शिव मंदिर ध्वस्त हो गया।
विज्ञापन

कई दिनों से गर्मी व उमस से लोगों का बुरा हाल रहा। मंगलवार की रात से ही बारिश का क्रम शुरू हो गया। बुधवार को भी तड़के से ही आकाश में बादल छाए रहे। सुबह से रिमझिम बारिश शुरू हुई। अपराह्न तक रुक-रुक रिमझिम बारिश होती रही। लोगों को बारिश में भींगते जाते देखा गया। दिन भर मौसम सुहावना होने के चलते लोगों को मस्ती करते देखा गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी।
बारिश होने के चलते नगर के निचले इलाकों में भीटी, निजामुद्दीनपुरा, रघुनाथपुरा, मुुंशीपुरा, चांदपुरा सहित विभिन्न मुहल्लों में जलजमाव के चलते लोगों को पानी से होकर आना जाना पड़ रहा था। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के निचले इलाकों के गड्ढ़े में तब्दील संपर्क मार्गो पर जलजमाव के चलते लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा था।
विज्ञापन

सूरजपुर: मंगलवार की रात में क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में हुई बारिश के दौरान परिखापुर गांव स्थित 485 वर्ष पुराना पौराणिक पंचमुखी शिव मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने से पंचमुखी शिव मंदिर ध्वस्त हो गया। मंगलवार की रात सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया था कि अचानक रात में भारी बारिश होने लगी। बारिश के समय ही जोरदार आवाज के साथ आकाशीय बिजली पंचमुखी शिव मंदिर पर गिरी। जिसके कारण शिव मंदिर ध्वस्त हो गया। परिखापुर में स्थित पौराणिक पंचमुखी शिव मंदिर का निर्माण 485 वर्ष पूर्व आलोक लाल श्रीवास्तव के पूर्वजों ने पौराणिक पंचमुखी शिव मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर का मलवा हटाने के लिए बेचू प्रधान, दयाशंकर जायसवाल, कामतालाल श्रीवास्तव, कोमल सोनकर, श्रीराम सोनकर, अच्छेलाल विश्वकर्मा सहित क्षेत्र के लोग लगें हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें