राज्य पोषण मिशन के निर्देश पर गुरुवार को जिलाधिकारी ने गोद लिए गांव पिवाताल में चौपाल लगाई। इस दौरान डीएम ने गांव के कुपोषित बच्चों का वजन कराया और पिछले माह से अब तक की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि कुपोषण का सबसे बड़ा कारण साफ-सफाई का अभाव एवं गंदगी होती है। कहा कि यदि सभी लोग अपने बच्चों को सफाई पूर्वक आहार दें और उनके रहन-सहन पर ध्यान दें तो कोई बच्चा कुपोषित नहीं होगा। इस गांव में 14 अतिकुपोषित और 40 कुपोषित बच्चे हैं।
चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि गांव में जिन घरों शौचालय नहीं है उसका सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर वहां शौचालय बनवाएं।
उन्हाेंने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि 14 अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों का गरीबी रेखा का कार्ड बनाकर राशन उपलब्ध कराया जाय और डीसी मनरेगा को निर्देशित किया कि कुपोषित बच्चों के परिवारों को मनरेगा के तहत काम दिया जाय।
डीएम की पहल पर आर्ट आफ लिविंग के एनजीओ द्वारा गांव के बच्चों के लिए केंद्र खोला जायेगा, जिससे उन्हें खेल-खेल में पढ़ने के साथ साफ-सफाई एवं स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जायेगा। इसी क्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा और एएनएम को इस केंद्र में लगाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने एडीओ पंचायत को निर्देश दिया कि पेंशन के लाभार्थियों का नाम पंचायत भवन पर लिखा जाए। इसके बाद जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत बड़रांव ब्लाक में खोदे जा रहे तलाबों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने एपीओ को निर्देश दिया कि सभी तालाबों का सीमांकन कर बरसात के पहले सबकी खुदाई करवा दें और पोखरों के किनारे वृक्षारोपण कराएं। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी घोसी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदि रहे।