मऊ। 3 से 16 दिसंबर यानी मात्र 14 दिनों की लड़ाई में भारत के सैनिकों ने अपने बुलंद हौसलों के दम पर पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में 93 हजार से भी ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाएगा। युद्ध के समय के सेवानिवृत्त सेना के अधिकारी और सेवानिवृत्त जवानों ने बातचीत में इस जीत को पाकिस्तान पर भारतीय सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक बताया।
हिंदुस्तानी सेना के शौर्य और पराक्रम की कहानी हैं वर्ष 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी देश की सेना ने अपने पराक्रम से सिर्फ इतिहास ही नहीं रचा बल्कि दुनिया के नक्शे पर एक नए देश बांग्लादेश का उदय कर भूगोल भी बदल दिया। पूर्व सैनिकों की मानें तो हमें उन वीर शहीदों को आज नमन करना चाहिए।