मऊ। ऑनलाइन खरीदारी में मऊ शहर के 102 बुनकरों और साड़ी व्यापारियों के साथ आठ करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। बिकी हुई साड़ी ग्राहक तो वापस कर देते हैं, कंपनी रिफंड और ऑर्डर कैंसिल दिखा देती है, लेकिन भेजी गई साड़ी व्यापारियों तक नहीं पहुंच रही है। ये बीते तीन महीने से हो रहा है, बुनकरों ने कंपनी में शिकायत की, लेकिन वहां से सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि 12 दिसंबर को ही 10 लाख रुपये की साड़ियां वापस नहीं मिली हैं।
मऊ शहर में संचालित दो कुरियर कंपनियों पर आरोप लगाते हुए 102 व्यापारी दो दिन से मऊ कोतवाली पहुंच रहे हैं, लेकिन पुलिस अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पा रही है। व्यापारियों ने रविवार को कोतवाली पहुंचकर कंपनी और डिलिवर पार्टनर कुरियर कंपनियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए विरुद्ध तहरीर दी है। व्यापारी राशिद कमाल, मोहम्मद शादाब, मो. सद्दाम, मोहताशीम, अबु हुजैफा, मो. अमान, महताब आलम, शाहनवाज अशफाक, मो. कैफ सहित 102 बुनकरों और व्यापारियों ने बताया कि वो ऑनलाइन खरीदारी की अलग-अलग कंपनियों विक्रेता के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया है। केवल कंपनी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रोजाना 300 से 600 रुपये तक की करीब 5000 हजार साड़ियों की बिक्री होती है, ग्राहक का फोन नहीं मिलने, पता नहीं मिलने के चलते उनमें से 40 फीसदी साड़ियां डिलिवर नहीं हो पाती हैं और वापस चली आती हैं। बिकी हुई साड़ियों का वितरण कंपनी के अधिकृत कुरियर हैं, जिनके मालिक मऊ कोतवाली क्षेत्र के बल्लीपूरा निवासी दो सगे भाई हैं। आरोप है कि इन कुरियर पार्टनर द्वारा जानबूझकर रास्ते में ही साड़ी का गबन किया जा रहा है। बिना ग्राहक तक साड़ी पहुंचाए गलत डिलिवरी दिखाई जा रही है, कई मामलों में बिना ओटीपी वेरिफाई किए ही डिलिवरी की जाती है। ग्राहकों के यहां से वापस हुई साड़ियों का न तो पैसा मिला है न ही साड़ी मिली है। तीन महीने में लगभग आठ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस धोखाधड़ी से बुनकरों को भारी नुकसान हो रहा है। कंपनियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
साड़ियां इकट्ठा कर कुरियर कंपनी का मालिक बन गया विक्रेता
बुनकरों और व्यापारियों ने बताया कि बीते दिनों इस बात की तह तक पहुंचने पर पता चला कि जिस कुरियर कंपनी के मालिक दोनों भाई तीन माह पहले तक केवल साड़ियां ग्राहकों तक पहुंचाते थे वो खुद ही साड़ियों की बिक्री करने लगे हैं। विक्रेता के रूप में रजिस्ट्रेशन करके जो साड़ी व्यापारियों के पास से 400 में पड़ती थी, उसी साड़ी को वो 250 से 300 रुपये में बेच रहे हैं।
इस तरह के मामले में छह के विरुद्ध हो चुकी है गैंगस्टर की कार्रवाई
शहर कोतवाली पुलिस ने साड़ी चोरी करने वाले छह के विरुद्ध पांच दिसंबर को गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। कोतवाली क्षेत्र के कासिमपुरा निवासी होजैफा नसीम ने अपने पिता नसीम अहमद उर्फ कोठा, भाई हारिस और डोमनपुरा निवासी साहव अहमद, दक्षिण टोला थाना के नवापुरा निवासी मोहम्मद आमिर, हमीनपुरा पश्चिम निवासी मोहम्मद उमर के साथ मिलकर गिरोह बनाया था। होजैफा खिरीबाग स्थित एक साड़ी की दुकान में सेल्समैन का काम करता था और वहीं से साड़ियां चोरी कर खुद की दुकान खोल लिया। उसके घर से 3344 साड़ियां बरामद हुई थीं, जिसका साक्ष्य उसके पास नहीं था। इन सभी के विरुद्ध न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है।
बुनकर और व्यापारियों ने तहरीर दी है, उसकी जांच शुरू कर दी गई है। ऑनलाइन खरीदारी का मामला है, बिना गहन जांच किए और साक्ष्यों का अवलोकन किए कार्रवाई त्रुटिपूर्ण हो सकती है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।- अनिल सिंह
- प्रभारी निरीक्षक, मऊ कोतवाली