मऊ। लगातार चार दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव होने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। सरकारी तथा निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पतालों में ज्यादातर वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज आ रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ मंगलवार को हुई बारिश खरीफ फसल के लिए अनुकूल बता रहे हैं। उधर बुधवार की सुबह नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हुई। बारिश के बाद धूप छांव होता रहा। बीच-बीच में तेज धूप हो जाने से राहगीरों को परेशानी आकाश में हल्के बादल छाए रहे।
जिले की ततापमान पर नजर डाली जाए तो अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 79 प्रतिशत रही। 13 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। कई दिनों से मौसम में बदलाव होते रहने से सरकारी तथा निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। जिला अस्पताल में चार दिन पूर्व 800 से 950 मरीजों की ओपीडी होती थी। अब 1100 से 1200 तक हो गई है। इस संबंध में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. शैलेश कुमार सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव होने से वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि बीमारियों से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। चार दिन पहले 100 से 130 मरीज देख रहा था। अब 15 से 20 प्रतिशत मरीजों की संख्या बढ़ी है।
उधर मंगलवार को हुई बारिश खरीफ की फसल के लिए अनुकूल है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता का कहना था कि बारिश खरीफ की फसल के लिए अनुकूल है। खेत में नमी होने से धान की पैदावार अच्छी होगी। अरहर, ज्वार, बाजरा सहित अन्य फसलों के लिए भी लाभदायक है।