मऊ कोरोना संक्रमण काल में चिकित्सीय सुविधाएं का अभाव लोगों की समस्या बढ़ा रही है। वर्तमान में भी जिला अस्पताल में बीते दस दिनों से एंटी रेबिज का टोटा है। ऐसे में प्रतिदिन 50 से ज्यादा लोगों को बिना इंजेक्शन लगवाए लौट जाने को मजबूर है। शिकायतों के बाद भी अस्पताल प्रबंधन इस समस्या को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
नगरवासी के लोग घर से बाहर निकलने के दौरान कुत्तों से सावधान रहें। कारण जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन का टोटा है। बीते दस दिन से वैक्सीन जिला अस्पताल में समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसकी उपलब्धता के लिए जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। नतीजा यह है कि इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। शुक्रवार को 40 से ज्यादा मरीज मायूस होकर लौटे। एंटी रैबिज लगवाने आने वाले मरीजों का कहना है कि दस दिन से ज्यादा से समय बीतने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा एंटीरैबिज की व्यवस्था नहीं कराई जा रही है। इस बाबत सीएमएस डॉ. बृजकुमार का कहना है कि एंटीरैबिज की मांग को लेकर पत्र लिखा जा चुका है।