मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में विसर्जन के लिए जा रही मूर्तियां।संवाद
मुहम्मदाबाद गोहना। नौ थानों की फोर्स की मौजूदगी में रात दो बजे तक 181 मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। मां लक्ष्मी की मूर्तियों के विसर्जन के साथ ऐहतिहासिक लक्ष्मी मेला संपन्न हुआ। इसी के साथ अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
बृहस्पतिवार की रात मुहम्मदाबाद गोहना में स्थापित 181 प्रतिमाओं का विसर्जन के दौरान नौ थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही। एसपी इलामारन जी खुद व्यवस्था की निगरानी करते रहे। विसर्जन को लेकर एसपी खुद शाम से ही मुहम्मदाबाद गोहना में डटे रहे, जहां वह ड्रोन के माध्यम से एक एक मूवमेंट पर नजर रख रहे थे। शाम छह बजे से शुरू हुआ विसर्जन रात दो बजे तक चलता रहा। विसर्जन के दौरान क्लब के सदस्यों के बीच हल्की-फुल्की झड़प हुई लेकिन क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारियों और पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझ गया।
बताते चलें कि कस्बे की लक्ष्मी पूजा का ऐतिहासिक महत्व है। दीपावली के दिन मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं की स्थापना के बाद दो दिन तक कस्बे में उत्सव का माहौल होता है। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में ही 181 स्थान पर मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। सभी मूर्तियों का विसर्जन एक साथ किया जाता है। बृहस्पतिवार देर शाम 6 बजे मूर्तियां विभिन्न स्थानों से होते हुए विजय स्तंभ चौक पर पहुंची। फिर वहां से कस्बे के विभिन्न मार्ग से होकर रोडवेज शहीद चौराहा, स्टेशन रोड, गांधीनगर, मुख्य बाजार होते हुए तमसा नदी पर गईं। इस दौरान डीजे पर सैकड़ों की संख्या में युवक देवी गीत पर झूमते नजर आए। विसर्जन सकुशल संपन्न कराने को लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखा था। एसपी इलामारन जी ने बताया कि जिले में मुहम्मदाबाद गोहना कस्बे में सबसे बड़ी संख्या में प्रतिमा स्थापित होने के बाद से यहां विसर्जन को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर रहती है। इसे एक जोन और चार सेक्टर में बांट कर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के अलावा नौ थानों की पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी।
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मूर्तियों के विसर्जन के साथ मेला संपन्न, अफसरों ने ली राहत की सांस
कस्बा की ऐतिहासिक दीपावली एवं लक्ष्मी पूजा पर्व बृहस्पतिवार की रात मूर्तियों के विसर्जन के साथ समाप्त हो गया। रात दो बजे तक कस्बा के तमसा नदी तट पर मूर्तियों का विसर्जन हुआ। विसर्जन सकुशल संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक अधिकांश थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी, पुलिस, पीएसी, महिला जवान और ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था में लगी रहे।