मऊ। विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले मे आरोपी विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सोमवार को बांदा जेल से हुई। रिमांड मजिस्ट्रेट संतोष कुमार वर्मा ने विवेचक की ओर से दी गई अर्जी पर मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद विवेचक की अर्जी को स्वीकार करते हुए मुख्तार अंसारी की न्यायिक अभिरक्षा को बढ़ाते हुए अगली पेशी के लिए 30 जुलाई की तिथि नियत किया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। वही दक्षिण टोला थाना के गैंगेस्टर एक्ट के मामलो को एमपी/एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित किए जाने और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह की ओर से जेल मे सुविधाएं उपलब्ध कराने के आवेदन पर अधिवक्ताओं की हडताल के चलते विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट ने सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तिथि नियत किया।
अभियोजन के अनुसार सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सरवां गांव निवासी विजय कुमार गुप्ता पुत्र विश्वनाथ गुप्त के शिकायती प्रार्थना पत्र पर क्षेत्राधिकारी सदर ने जांच किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरायलखंसी थाना मे प्रभारी निरीक्षक रामसिंह की तहरीर पर भादवि के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें मुख्तार अंसारी, संजय सागर, आनंद यादव और बैजनाथ यादव को आरोपी बनाया गया है। सोमवार को मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया ।इस दौरान मामले के विवेचक ने मुख्तार अंसारी की न्यायिक अभिरक्षा को 14 दिनों के लिए बढ़ाए जाने के लिए अर्जी दिया। जिस पर रिमांड मजिस्ट्रेट ने मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह और अभियोजन अधिकारी के तर्कों को सुनने के बाद मुख्तार अंसारी की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाते हुए अगली पेशी के लिए 30 जुलाई की तिथि नियत किया। विजय कुमार गुप्ता का आरोप था कि उसके ही गांव के आनंद यादव पुत्र बैजनाथ यादव और बैजनाथ यादव पुत्र खुद्दी यादव शर्मा गांव में स्थित आराजी नंबर 1109 रकबा 64 हेक्टेयर व आराजी नंबर 1449 रकबा 196 हेक्टेयर भूमि पर विद्यालय बनवाने के नाम पर मुख्तार अंसारी के सहयोगी उसी के गांव के संजय सागर पुत्र चंद्रदेव राम द्वारा सदर विधायक मुख्तार अंसारी के विधायक निधि से क्रमश: बीस लाख और पांच लाख रूपया कुल 25 लाख रूपया गुरु जगदीश सिंह बैजनाथ पहलवान उच्च माध्यमिक विद्यालय सरवां के नाम पर लिया है। इन्हीं लोगों ने आराजी नंबर 810 रकबा 24 हेक्टेयर भूमि तत्कालीन ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव द्वारा फर्जी प्रस्ताव भेजकर अपनी पत्नी के नाम कृषि आवंटन किया गया है। जांच मे आराजी नंबर 1109 रक्बा 64 हेक्टेयर मे से 32 हेक्टेयर में चाहरदीवारी व रकबा 23 हेक्टेयर में केला की फसल मौके पर पाई गई। तथा आराजी नंबर 1449 रकबा 196 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई मिली।