नगर के राजारामपुरा मोहल्ले से मां लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जाने के दौरान जुलस में शामिल लोग।
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दिवाली पर नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के पूजा पंडालों में स्थापित लक्ष्मी, गणेश, काली प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। शुक्रवार को श्रद्घालुओं द्वारा गाजे बाजे के साथ लक्ष्मी प्रतिमाओं को आकर्षक रथ पर सजा जुलूस व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। जुलूस परंपरागत रास्तों से होता हुआ भीटी स्थित तमसा तट पर पहुंचा जहां जयकारों के साथ प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया।
फूलमालाओं से सजे रथों पर रखी प्रतिमाओं का जुलूस बाल निकेतन मोड़, अंधा मोड़ और भीटी होते हुए तमसा तट पर जाकर समाप्त हुआ। जुलूस देखने के लिए भक्तों का मजमा लगा रहा। जुलूस के मार्ग पर हर ओर पुलिस के जवानों की मुस्तैदी का जायजा लेने के लिए जिले के आला अधिकारी भी चक्रमण करते नजर आए। नगर कोतवाली क्षेत्र के संवेदनशील इलाके राजाराम का पूरा मुहल्ले में स्थापित लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर वहां चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात की गई थी। सीओ नगर आलोक कुमार जायसवाल स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे थे।
दोहरीघाट ः विभिन्न इलाकों में स्थापित लक्ष्मी प्रतिमाओं का विसर्जन घाघरा नदी में गाजे बाजे के साथ किया गया। जुलूस में श्रद्धालु नाचते गाते चल रहे थे।
अमिला ः कस्बा में स्थापित लक्ष्मी, गणेेश प्रतिमा का विसर्जन जुलूस गाजे बाजे के साथ गुरुवार को निकला। पूर्वी चौक, मध्य चौक, काली मंदिर स्थित पंडालों में स्थापित मां लक्ष्मी गणेश काली जी की मूर्ति का विधिपूर्वक पूजन अर्चन के बाद जुलूस निकाला गया।