मऊ। अवैध शराब कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस समय समय पर अभियान चलाती रहती है। लेकिन देवारांचल की दुरूह भौगोलिक स्थिति के चलते अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाता है। पंचायत चुनावों में अवैध शराब की आपूर्ति मतदाताओं को प्रलोभित करने के लिए न होने पाए, इस उद्देश्य से जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल और पुलिस अधीक्षक घुले सुशील कुमार के नेतृत्व में अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया गया था। इस अभियान में काफी मात्रा में लहन और शराब बरामद भी हुुई थी। पुलिस ने शराब भट्ठियों को तोड़कर नष्ट किया था।
इस अभियान में रसूलपुर देवारा, बड़की बारी सहित दोहरीघाट और मधुबन थाना क्षेत्रों के देवारांचल में नकिहवा, जरलहवा सहित दर्जनों ठिकानों पर पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से छापेमारी की गई थी। लेकिन इसके बावजूद पंचायत चुनावों में देशी दारू से लेकर अवैध शराब की भारी खपत हुई थी।
भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार वर्तमान में अवैध कच्ची शराब बनाने के लिए भट्ठियां संचालित हो गई हैं। इन भट्ठियों से बनने वाली शराब जरीकिनों और वाहनों के ट्यूबों में भरकर नावों के माध्यम से दूर दूर तक भेजी जाती है। दो पहिया वाहनों और चार पहिया वाहनों से भी अवैध शराब की आपूर्ति पूरे जिले और पड़ोसी बलिया और देवरिया जनपदों में की जाती है।
पुलिस भी इन अवैध दारू बिक्री के अड्डों को बखूबी जानती है। लेकिन कहीं सुविधा शुल्क तो कहीं किसी अन्य दबाव के चलते कार्रवाई करने से परहेज करती है। 16 अप्रैल 2021 को एसपी के निर्देश पर दोहरीघाट थाने की पुलिस ने सूरजपुर के पास एक पूजा स्थल के करीब नदी के किनारे चल रही एक अवैध शराब भट्ठी को नष्ट कर यहां से 15 -15 लीटर के जरीकेनों में भरी 240 लीटर शराब, उपकरण और अपमिश्रण बरामद किया था। यहां पर पुलिस ने 2800 लीटर लहन नष्ट किया था। लेकिन पुलिस जैसे ही कार्रवाई करके पीछे होती है, शराब तस्कर अपनी मुहिम में फिर से जुट जाते हैं। चुनाव से पूर्व पुलिस ने ऐसे कई ईंट भट्ठा मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई किया था।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक घुले सुशील का कहना है कि अवैध शराब भट्ठियों का संचालन पूरी तरह बंद करने के लिए सख्त निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए गए हैं। इसके अलावा आबकारी अधिकारियों के साथ पुलिस विभाग के सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनपद की सभी लाइसेंसी शराब की दुकानों के स्टाक को चेक किया जाए। इस दौरान यह देखा जाए कि इन दुकानों में जो स्टाक है वह प्रकिया के तहत आया है अथवा किसी अवैध तरीके से लाकर दुकान में रखा गया है। यदि वह वैध प्रकिया के तहत नहीं है तो ऐसी दुकानों के विरुद्ध प्रभारी कार्रवाई की जाए। एसपी ने कहा कि हर हाल में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की हिदायत दी गई है।