1ाँच दिनों से बिजली कटौती को लेकर नगर के चाँदपुरा मोहल्ले में प्रदर्शन करते बुनकर।
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मऊ। बिजली विभाग के तानाशाह रवैए से जिला मुख्यालय स्थित चांदपुरा सहित आसपास के आठ मुहल्लों में बीते तीन दिनों से अंधेरा पसरा है। इन मुहल्लों की आबादी 70 हजार से अधिक है, विभाग के साथ मोहल्लेवासी स्वीकारते हैं कि ढाई हजार के करीब बकाएदार हैं, लेकिन सजा 70 हजार की आबादी को मिल रहा। विभाग बिजली चोरी रोकने के के लिए इसे उठाया गया कदम बता रहा, जबकि समय से बिल जमा करने वाले इसे बिजली विभाग का तानाशाह रवैया मान रहा। बिजली आपूर्ति ठप होने से बुनकर बाहुल्य इन मोहल्लों में पावरलूमों की खटर पटर के साथ साथ धंधा पानी ठप पड़ गया है। सबसे ज्यादा बदहाल चांदपुरा मुहल्ला है, यहां बीते छह दिनों से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। सोमवार को बिजली विभाग की नाराज होकर उपभोक्ताओं ने चांदपुरा मोहल्ले में प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द से जल्द समस्या का निदान न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। नगर के चांदपुरा स्थित फीडर से नगर पालिका क्षेत्र के चांदपुरा, फखरुद्दीनपुरा, रसूलपुरा, इस्लामपुरा, छतरपुरा, काजिमपुरा, मदनपुरा, हसन मखासनी सहित अन्य बुनकर बाहुल्य मोहल्लों में बिजली की आपूर्ति होती है। लेकिन बीते छह दिनों से इन मोंहल्लों में बिजली की आपूर्ति ठप है। इस समस्या को लेकर सोमवार को चांदपुरा मोहल्ले के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बिजली विभाग के तानाशाह रवैए से हम लोगों का कारोबार चौपट हो रहा है।
बताते चले इन मुहल्लों में 70 हजार के करीब आबादी है। बिजली न आने का कारण पूछे जाने पर मोहल्लेवासियों ने स्वत: बताया कि चंद बकाएदारों को सबक सिखाने के लिए विभाग यह रवैया अपनाया है। इसके चलते हम नियमित बिल जमा करने वाले भी विभाग के तानाशाही के शिकार हैं। आपूर्ति बाधित होने से लूम बंद पड़े हैं। शाम के समय एकाध घंटा आपूर्ति हो रही है, इसमें वो लोग घर में पानी आदि भर ले रहें हैं। दिन में आपूर्ति तो एकदम से ठप रहती है। इसका परिणाम है कि लूम बंद पड़े हैं, जबकि बुनकरों के जीवन यापन का सहारा एक मात्र लूम ही है। बिजली न ठप होने से पेयजल आदि की समस्या भी उत्पन्न हो चली है। इस संबंध में बात करने पर अधिशासी अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि इस क्षेत्र में ढाई हजार लोगों के यहां विभाग का करीब दस करोड़ रुपया बिल बकाया है। कई बार कनेक्शन की जांच करने गए कर्मचारियों पर मुहल्लेवासियों ने हमला बोला है, इसका परिणाम है कि फाल्ट आदि होने पर भी कर्मचारी उस क्षेत्र में उसे ठीक करने के लिए नहीं जाते हैं। हो न हो किसी फाल्ट के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई हो। इसके चलते आपूर्ति प्रभावित हुई होगी। जबकि चांदपुरा मोहल्लेवासियों की मानें तो चंद लोगों के कृत्यों की सजा इतनी बड़ी आबादी को क्यों दिया जाए।