नगर पालिका कम्युनिटी हाल बकवल में जनअधिकारी मंच के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा का माला पहनाकर स्वागत करते कार्यकर्ता।
जन अधिकार मंच के संयोजक और एनआरएचएम घोटाले में फंसे पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुझे साजिशन फंसाया गया। एनआरएचएम से मेरा कोई लेना देना नहीं था। भले ही मैं मंत्री था लेकिन एनआरएचएम का पूरा अधिकार मुख्यमंत्री मायावती के पास था।
जेल में एक डाक्टर की हत्या के बाद विभाग का मंत्री होने के नाते मेरी जवाबदेही बताई गई और इस्तीफा मांग लिया गया। जब हमने साजिश का पर्दाफाश करने एवं दोषियों को चिह्नित करने के लिए आवाज उठाई तो एनआरएचएम का दोष मुझ पर मढ़ दिया गया और मुझे जेल में डाल दिया गया। वे रविवार को जन अधिकार मंच के तत्वावधान में नगर पालिका कम्यूनिटी हाल में आयोजित सम्मेलन एवं जनसंपर्क यात्रा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि निर्दोष होने के बाद भी मुझे जेल में यातनाएं सहनी पड़ीं। यह सजा मुझे सिर्फ इसलिए मिली क्योंकि मैंने साजिश का पर्दाफाश करने और डाक्टर के हत्यारों को पकड़ने की आवाज उठाई। कहा कि बसपा के साथ रहकर उन्होंने उसी की नीति के तहत काम करना शुरू किया था।
हम लोग समाज के लोगों से इस बात की गारंटी दिया करते थे कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। लेकिन इसके बदले में हमें धोखा मिला। शोषित, दबे कुचले समाज के लोगों और अल्पसंख्यकों को भी बसपा में हक नहीं मिला। जबकि पार्टी की नीति ही यही थी। हर तरफ से हमें और हमारे समाज के लोगों को धोखा मिला। कहा कि आज समाज के लोगों का स्नेह देखकर मेरी आंखें भर आई हैं। उम्मीद है कि जो अधिकार और सम्मान बसपा में नहीं मिला उसे अब वे खुद ही अपने संख्या बल के आधार पर लेकर रहेंगे।
आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि आरक्षण दलितों और पिछड़ों का संवैधानिक अधिकार है। यह संख्या बल के आधार पर मिलना चाहिए। लेकिन आज पिछड़ों के आरक्षण का हक समाजवादी पार्टी और उसके एक खास वर्ग के लोग उठा रहे हैं। यहीं हाल बसपा का भी है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव राम सनेही ओमर, राजेंद्र पाल, सुरेंद्र कुशवाहा, राजकुमार, जिला प्रभारी रामबचन सिंह, डा. डीबी मौर्य, राजेश मौर्या उपस्थित रहे।