आधे घंटे की मशक्कत के बाद सदस्यों ने पति-पत्नी को बच्चों के भविष्य और समाज का हवाला देकर समझौता कराया। पत्नि को हिदायत भी दी गई। परिवार परामर्श में कुल 41 मामले आए। 18 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान चार दंपति ने आपसी विवाद सुलह करते हुए फिर से साथ रहने का फैसला किया। जबकि 12 मामलों में पीड़ितों की उदासीनता अथवा मामला कोर्ट में चलने के कारण बंद कर दिया गया। बैठक में अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद, उपनिरीक्षक आत्मा सिंह, सोनी सिंह आदि मौजूद रहीं।